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गढ़वाल विश्वविद्यालय में कुलपति नियुक्ति विवाद पर हाईकोर्ट हुआ सख्त, UGC को तीन सप्ताह में जवाब देने के दिए निर्देश

श्रीनगर गढ़वाल: हाईकोर्ट ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी।

मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने प्रो. नवीन प्रकाश नौटियाल की याचिका पर सुनवाई की। याचिका में आरोप है कि कुलपति की नियुक्ति केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 और यूजीसी विनियम, 2018 के प्रावधानों के विपरीत की गई। याचिकाकर्ता के अनुसार, विनियम 7.3 के तहत विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में न्यूनतम 10 वर्षों का अनुभव अनिवार्य है, जबकि प्रो. सिंह का भारतीय लोक प्रशासन संस्थान में चेयर प्रोफेसर का अनुभव विश्वविद्यालय के समकक्ष नहीं माना जा सकता।

याचिका में यह भी कहा गया कि शिक्षा मंत्रालय के विज्ञापन में पात्रता स्पष्ट रूप से “विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में 10 वर्ष” निर्धारित थी, जिसमें किसी प्रकार की समकक्षता की गुंजाइश नहीं थी।

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