स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का सख्त संदेश—सरकारी अस्पतालों की छवि सुधारने और सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सोमवार को दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय का निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं पर असंतोष जताते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों की छवि सुधारना बेहद जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों में मरीजों को बाहर से दवाइयां लिखना तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। ऐसे डॉक्टरों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा अस्पतालों में मुफ्त दवाइयां और बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, इसके बावजूद मरीज निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से इस स्थिति में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा।
इस मौके पर अस्पताल में कई नई सुविधाओं का लोकार्पण भी किया गया। इनमें ऑक्यूपेशनल थेरेपी यूनिट, सभी फ्लोर पर रजिस्ट्रेशन काउंटर, स्पोर्ट्स इंजरी क्लिनिक, पैथोलॉजी विभाग में आधुनिक मशीनें और एनेस्थीसिया वर्क सेक्शन शामिल हैं।
बैठक में मंत्री ने कहा कि जो डॉक्टर बेहतर कार्य करेंगे, उन्हें सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। साथ ही, कुशल डॉक्टरों को जरूरत के अनुसार रोस्टर के आधार पर अन्य अस्पतालों में भी तैनात किया जा सकता है, ताकि सभी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्तर तक अल्ट्रासाउंड सुविधा उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया है। इसके लिए रेडियोलॉजिस्ट की कमी को देखते हुए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञों की मदद भी ली जाएगी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों में साफ-सफाई, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाए, ताकि आम जनता का भरोसा सरकारी अस्पतालों पर बढ़ सके।
