देहरादून: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) देहरादून द्वारा होटल सरोवर प्रीमियर में “मानक मंथन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिद्वार सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की।
कार्यक्रम का मुख्य विषय था – “पीने के प्रयोजनों के लिए रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) आधारित प्वाइंट ऑफ यूज़ जल उपचार प्रणाली का विनिर्देशन – प्रथम संशोधन।” इस अवसर पर BIS की उप महानिदेशक (उत्तर) स्नेहलता, निदेशक BIS देहरादून सौरभ तिवारी, अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा प्रशासन ताजबर सिंह, अधिकारी प्रभारी गणेश कंडवाल तथा संयुक्त निदेशक श्याम कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्वच्छ व शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में गुणवत्ता मानकों की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने उपभोक्ता सुरक्षा के लिए BIS की पहलों की सराहना करते हुए कहा कि जल शोधन प्रणालियों का मानकीकरण आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा।
स्नेहलता ने युवाओं से आह्वान किया कि वे गुणवत्ता को जीवन का हिस्सा बनाएं। वहीं निदेशक सौरभ तिवारी ने कहा कि मानक केवल तकनीकी दस्तावेज नहीं, बल्कि समाज को सुरक्षित व बेहतर जीवन देने का माध्यम हैं। उन्होंने उद्योग, शिक्षा जगत और उपभोक्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने का आश्वासन भी दिया।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारियों ने उपभोक्ता कल्याण हेतु नियामक पक्षों और जमीनी स्तर पर मानकों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के छात्रों, स्वयंसेवी संस्थाओं और RO उद्योग प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की। अंत में प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से संवाद किया और उपभोक्ता अधिकारों व उद्योग की चुनौतियों पर चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन BIS देहरादून की वेदांशी नगर ने किया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन श्याम कुमार ने प्रस्तुत किया।
