मौसम की मार और कठिनाइयों को दरकिनार कर बाबा केदार के दरबार में उमड़े भक्त, अब तक 14 लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन.
रुद्रप्रयाग: पवित्र सावन मास में बाबा केदारनाथ धाम एक बार फिर श्रद्धालुओं की आस्था से सराबोर हो गया है। जहां एक ओर बारिश और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक चुनौतियां यात्रियों की परीक्षा ले रही हैं, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालु पूरे जोश और विश्वास के साथ भगवान शिव के दर पर मत्था टेकने पहुंच रहे हैं।
अब तक 14 लाख 15 हजार से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचकर पुण्य अर्जित कर चुके हैं। बीते कुछ दिनों से श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। जहां पहले प्रतिदिन दो से तीन हजार भक्त केदारनाथ धाम पहुंचते थे, अब यह आंकड़ा 15 हजार के करीब पहुंच गया है।
गौरीकुंड से केदारनाथ तक का 19 किलोमीटर लंबा पैदल मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है, जबकि हाईवे पर लगातार भूस्खलन और स्लाइडिंग जोन के कारण मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं। फिर भी श्रद्धालु कठिन रास्तों को पार कर, जलाभिषेक और ब्रहमकमल अर्पण की अपनी भावना के साथ बाबा केदारनाथ के चरणों में पहुंच रहे हैं।
श्रद्धालुओं ने बताया कि मार्ग में कठिनाइयों के बावजूद जब वे बाबा के दरबार में पहुंचते हैं, तो सारी थकान और कष्ट भूल जाते हैं। उनके चेहरे पर संतोष और श्रद्धा की झलक स्पष्ट दिखाई देती है।
धाम में तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय व्यापारियों द्वारा श्रद्धालुओं का स्वागत किया जा रहा है। तीर्थ पुरोहित उमेश पोस्ती, संतोष त्रिवेदी और अजय पुरोहित ने बताया कि भक्तों को हरसंभव सहायता देने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय व्यापारी भी इस भीड़ से प्रसन्न हैं, क्योंकि इससे उन्हें आर्थिक संबल भी मिल रहा है। वहीं, बाबा केदारनाथ तीर्थ-यात्रा समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
धाम के प्रति श्रद्धा इतनी गहरी है कि श्रद्धालु तेज बारिश, उफनते गदेरे, और खतरनाक पैदल मार्ग के बावजूद यात्रा जारी रखे हुए हैं। सावन में जलाभिषेक और ब्रहमकमल अर्पण की महत्ता को देखते हुए भक्तों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
केदारनाथ धाम एक बार फिर न केवल आस्था का केंद्र बना है, बल्कि यह श्रद्धालुओं की दृढ़ संकल्प शक्ति और भक्ति की मिसाल भी पेश कर रहा है।
