Udayprabhat
uttrakhand

देहरादून-सहारनपुर के बीच नई रेलवे लाइन के सर्वे को मिली मंजूरी, रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू, केंद्रीय रेल मंत्री ने दी जानकारी

नई लाइन के सर्वेक्षण को मंजूरी की जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री ने दी जानकारी.

देहरादून: भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क के विस्तार को लेकर लगातार प्रयासरत है। देश के विभिन्न हिस्सों को रेल संपर्क से जोड़ने की दिशा में नई योजनाएं बनाई जा रही हैं। इसी क्रम में सहारनपुर से देहरादून के बीच शाकुंभरी देवी होकर प्रस्तावित 81 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के सर्वेक्षण को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। यह जानकारी केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

इस नई लाइन का उद्देश्य न केवल यात्री सुविधाओं में विस्तार करना है, बल्कि धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण शाकुंभरी देवी धाम को भी रेल नेटवर्क से जोड़ना है। इससे क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

रेलवे मंत्रालय ने बताया कि इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया गया है। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए नीति आयोग, वित्त मंत्रालय और राज्य सरकार जैसे विभिन्न हितधारकों से अनुमोदन लिया जाएगा। रेल मंत्रालय के अनुसार, ऐसी परियोजनाओं को मंजूरी देना एक सतत और जटिल प्रक्रिया है, जिसमें कई स्तरों पर विचार-विमर्श और मूल्यांकन किया जाता है। अतः इनकी सटीक समयसीमा तय कर पाना संभव नहीं होता।

नई रेलवे लाइनों की योजना बनाते समय कई पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है, जिनमें पारिश्रमिक, यातायात की मांग, वैकल्पिक मार्गों की आवश्यकता, सामाजिक-आर्थिक लाभ, अंतिम मील कनेक्टिविटी और मौजूदा लाइनों पर भीड़भाड़ जैसे कारक शामिल होते हैं। इन सभी को ध्यान में रखते हुए ही परियोजनाएं मंजूरी के विभिन्न चरणों से गुजरती हैं।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार विशेष रूप से उत्तर भारत के पर्वतीय और सीमावर्ती क्षेत्रों को रेलवे से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रही है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य अब तेजी से रेलवे नेटवर्क का हिस्सा बनते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे का आधुनिकीकरण और विस्तार सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत, सेमी-हाईस्पीड रेल परियोजनाएं, रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प और अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग इस बदलाव का हिस्सा हैं। सहारनपुर से देहरादून के बीच प्रस्तावित यह नई रेल लाइन भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके बनने से न केवल दूरी घटेगी, बल्कि यात्रियों को बेहतर और तेज़ रेल सेवा का लाभ भी मिलेगा।

Leave a Comment