सांसद डिंपल पर अश्लील टिप्पणी पर सियासत गर्म, भाजपा ने उठाई कार्रवाई की मांग
मौलाना की टिप्पणी पर बवाल: भाजपा बोली – अखिलेश की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण
देहरादून: उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव के खिलाफ टीवी डिबेट में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे केवल एक महिला सांसद का नहीं, बल्कि पूरी मातृशक्ति का अपमान बताया।
दरअसल, एक टीवी डिबेट के दौरान ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने संसद परिसर में डिंपल यादव की वेशभूषा को लेकर अभद्र टिप्पणी की। वीडियो क्लिप में मौलाना डिंपल यादव के पहनावे को लेकर आपत्तिजनक और अश्लील भाषा का प्रयोग करते नजर आए। इस बयान पर देशभर में विरोध शुरू हो गया है।
भाजपा नेता महेंद्र भट्ट ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह केवल डिंपल यादव का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटी और देश की प्रत्येक महिला का अपमान है। उन्होंने कहा कि इस तरह के शब्द टीवी डिबेट की गरिमा और समाज के संस्कार, दोनों को ठेस पहुंचाते हैं।
भट्ट ने समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि मुस्लिम वोट बैंक के चक्कर में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव मौलाना की टिप्पणी पर चुप्पी साधे बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा नेतृत्व ने जानबूझकर इस टिप्पणी की अनदेखी की है, जो निंदनीय है। “बेशक अखिलेश यादव को इस बयान से कोई फर्क न पड़ता हो, लेकिन उत्तराखंड की जनता इस तरह की अभद्रता को कभी बर्दाश्त नहीं करेगी,” उन्होंने कहा।
भट्ट ने इस पूरे प्रकरण को बेहद गंभीर और आपराधिक श्रेणी का मामला बताया और कहा कि यह न केवल एक सांसद के खिलाफ अश्लीलता है, बल्कि यह पूरे समाज में महिलाओं की गरिमा को चोट पहुंचाता है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मौलाना साजिद रशीदी को तुरंत अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि ऐसे बयानों को प्रोत्साहन देने वाले लोगों और संगठनों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा ने पूरे देश की महिलाओं से अपील की कि वे इस मामले में एकजुट होकर आवाज उठाएं। “राजनीतिक मतभेद अलग हो सकते हैं, लेकिन नारी गरिमा पर हमला किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता,” भट्ट ने कहा।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बयान के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, और क्या मौलाना रशीदी माफी मांगते हैं या नहीं।
