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केदारनाथ धाम में सीजन की पहली बर्फबारी, ठंड ने दी दस्तक, श्रद्धालु बर्फबारी का उठा रहे लुत्फ

रुद्रप्रयाग:  केदारनाथ धाम में मौसम ने अचानक करवट ली और इस सीजन की पहली बर्फबारी ने पूरे धाम को सफेद चादर में लपेट दिया। सोमवार दोपहर लगभग 1:30 बजे के आसपास केदारनाथ धाम और आस-पास की पहाड़ियों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी शुरू हुई, जो कुछ समय तक जारी रही। अक्टूबर के शुरुआती दिनों में ही बर्फबारी की शुरुआत से ठंड में अचानक बढ़ोतरी हो गई है। देश और विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालु बर्फ गिरते ही उत्साहित नजर आए और उन्होंने बाबा केदार के दरबार में बर्फ के फाहों का आनंद लिया।

बर्फबारी के कारण दोपहर बाद हेलीकॉप्टर सेवाओं को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। तेज़ ठंड और नमी के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी और वे दर्शनों के लिए लंबी कतारों में खड़े रहे। प्रशासन ने यात्रियों को ठंड से राहत देने के लिए धाम परिसर में जगह-जगह अलाव की व्यवस्था की है, ताकि कोई यात्री असुविधा का सामना न करे।

मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी जारी की थी कि 6 और 7 अक्टूबर को उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। यह भविष्यवाणी सही साबित हुई। बर्फबारी से बाबा केदार का धाम एक बार फिर अलौकिक और दिव्य दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। चारों ओर सफेद बर्फ की परतें, मंदिर की घंटियों की गूंज और श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरी केदारपुरी गूंज उठी।

इस समय केदारनाथ यात्रा अपने अंतिम चरण में है और तीर्थयात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। प्रतिदिन 10 हजार से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं। अब तक करीब 16 लाख 45 हजार से ज्यादा भक्त बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। कपाट बंद होने की तिथि नजदीक आने के कारण भक्तों का उत्साह और भी बढ़ गया है। 23 अक्टूबर को बाबा केदार के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। उससे पहले भक्त बड़ी संख्या में अंतिम दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं।

प्रशासन ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए धाम में व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखी हैं। पैदल यात्रा मार्ग और धाम में स्वास्थ्य, सफाई और सुरक्षा की विशेष तैयारियां की गई हैं। 450 से अधिक पर्यावरण मित्र धाम और मार्ग पर सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं, जबकि कई अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र भी खोले गए हैं।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान गर्म कपड़े, रेनकोट और अन्य आवश्यक सामान अपने साथ रखें, ताकि बदलते मौसम में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

पहली बर्फबारी ने जहां ठंड को दस्तक दी है, वहीं केदारनाथ धाम की खूबसूरती में भी चार चांद लगा दिए हैं। श्रद्धालुओं के लिए यह अनुभव अविस्मरणीय बन गया है — बाबा केदार के चरणों में बर्फ से ढका धाम मानो स्वर्गिक दृश्य पेश कर रहा है।

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