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सीएम धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी को दी श्रद्धांजलि

गौचर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित विधानसभा में उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी (सेवानिवृत्त) के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने खण्डूड़ी को अनुशासित सैनिक, समर्पित जनसेवक और कुशल प्रशासक बताते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहा। उनकी सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

मुख्यमंत्री धामी ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूड़ी भूषण का उल्लेख करते हुए कहा कि एक बेटी के लिए उसके पिता पहले नायक होते हैं, लेकिन जनरल खण्डूड़ी केवल उत्तराखण्ड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के नायक रहे। उन्होंने जीवन में जो भी जिम्मेदारी संभाली, उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया तथा उच्च पदों पर रहते हुए भी अपने मूल्यों और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।

1971 के युद्ध में दिखाया साहस, सेना के बाद जनसेवा में निभाई अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना में सेवाएं देते हुए जनरल खण्डूड़ी ने वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में अपने साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया। सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने जनसेवा के क्षेत्र में अपनी नई पारी शुरू की। वर्ष 1991 में गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित होने के बाद उन्होंने पांच बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

उन्होंने संसद में उत्तराखण्ड की आकांक्षाओं और पृथक राज्य की मांग को मजबूती से उठाया। उनके ओजस्वी वक्तव्यों और स्पष्ट विचारों ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन को नई गति और वैचारिक मजबूती प्रदान की। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त शासन के रहे पक्षधर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 2007 और 2011 में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के रूप में जनरल खण्डूड़ी ने पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और अनुशासित शासन की मिसाल पेश की। उन्होंने उत्तराखण्ड की राजनीति और जनमानस में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खण्डूड़ी के व्यक्तित्व और कार्यों ने उनके जैसे अनेक युवाओं को देवभूमि की सेवा के लिए प्रेरित किया। यह उनका सौभाग्य रहा कि उन्हें जनरल खण्डूड़ी का स्नेह और मार्गदर्शन निरंतर प्राप्त होता रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 मई 2026 को 91 वर्ष की आयु में जनरल खण्डूड़ी का निधन प्रदेश और राष्ट्र के सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके निधन से वास्तव में एक युग का अंत हुआ है।

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