लाखामंडल के विकास को लेकर मंदिर समिति ने उठाई आवाज, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने की मांग
देहरादून: उत्तराखंड के प्राचीन शिव धाम लाखामंडल को धार्मिक एवं पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में शिव मंदिर पुजारी समिति लाखामंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की मांग की है। समिति का मानना है कि बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है।
शिव मंदिर पुजारी समिति लाखामंडल के कोषाध्यक्ष बाबूराम शर्मा ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में क्षेत्र के धार्मिक, ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि चकराता क्षेत्र में स्थित लाखामंडल प्राचीन शिव मंदिर और अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए विशेष पहचान रखता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस क्षेत्र को व्यवस्थित धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की जरूरत है।
सड़क चौड़ीकरण और पार्किंग की उठी मांग
समिति ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए बरनीगाड़ से लाखामंडल तक सड़क चौड़ीकरण की मांग की है। इसके साथ ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त पार्किंग, स्वच्छ शौचालय तथा पेयजल की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है। समिति का कहना है कि इन सुविधाओं के अभाव में पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर जोर
पत्र में लाखामंडल के मंदिर परिसर और आसपास मौजूद ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व के स्थलों के संरक्षण की आवश्यकता भी बताई गई है। समिति ने सरकार से अपील की है कि इस प्राचीन शिव नगरी के धार्मिक और पौराणिक महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे देशभर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इसके इतिहास और विशेषताओं की जानकारी मिल सके।
पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को मिलेगा लाभ
बाबूराम शर्मा के अनुसार, लाखामंडल और आसपास का क्षेत्र शीतकालीन पर्यटन के लिहाज से भी संभावनाएं रखता है। यदि यहां सड़क, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाता है, तो पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकती है। इससे स्थानीय दुकानदारों, कारोबारियों और अन्य लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
