देहरादून: संविधान दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संविधान की उद्देशिका का सामूहिक पठन करवाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अभियोजन विभाग की वार्षिक पत्रिका का विमोचन करते हुए विभाग के कार्यों की सराहना की। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि 26 नवंबर 1949 का दिन भारतीय इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा, जब संविधान सभा ने देश के संविधान को औपचारिक रूप से अंगीकृत किया था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विधि एवं न्याय व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में अभियोजन विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य में लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023—के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सरकार अभियोजन विभाग को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही विभाग में चल रहे डिजिटलीकरण कार्य को भी गति देने के लिए अतिरिक्त सहयोग दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अभियोजन विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को अब पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्य में बोली जाने वाली विभिन्न बोलियों का प्रशिक्षण प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे जनसंपर्क और न्याय प्रक्रिया दोनों अधिक प्रभावी रूप से संचालित हो सकें।
धामी ने कहा कि न्याय व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है। ई-कोर्ट्स प्रोजेक्ट, नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट्स, महिला एवं बाल अपराधों के त्वरित निस्तारण हेतु विशेष तंत्र, मेडिएशन बिल तथा डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहल न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुलभ बना रही हैं। नए कानूनों में इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल रिकॉर्ड को सबूत के रूप में मान्यता मिलने से जांच और अभियोजन प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक व प्रमाणिक हुई है।
उन्होंने बताया कि राज्य में न्यायालय भवनों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। डिजिटल कोर्ट्स, ई-फाइलिंग और वर्चुअल हियरिंग व्यवस्था को भी लगातार सशक्त किया जा रहा है। विधि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, युवा अधिवक्ताओं को मेंटरशिप प्रदान करने और महिला अधिवक्ताओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने की दिशा में भी सरकार प्रभावी कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सख्त नकल-विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जैसे ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश में न्यायिक सुधारों के प्रति राज्य सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
