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क्राइम

सावधान : नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों की ठगी, एक-दो नहीं बल्कि देहरादून में सक्रिय पूरा गिरोह

देहरादून| नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी करना अब आम हो चला है, यही नहीं साइबर अपराधी इतने माहिर हो चुके हैं कि पढ़े-लिखे डिग्रीधारी युवाओं को भी यकीन दिला कर उनसे लाखों रुपयों की ठगी कर लेते हैं. इन गिरोह में शामिल अपराधी नौकरी दिलाने के नाम पर अलग-अलग शहरों में बुलाकर, मेडिकल(Medical) और अन्य डॉक्यूमेंट्स(Documents) जमा करवाकर और कई बार फर्जी जॉ़इनिंग लेटर(Fake Joining Letter) भी देकर ठगी को अंजाम देते हैं.

ऐसी ही एक घटना की रिपोर्ट दून साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन(Doon Cyber Crime Police Station) को मिली जिसमें एक महिला को Food Corporation of India(FCI) में जॉब दिलाने के बहाने नगद और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से लगभग 7 लाख रुपये ठग लिए. यहां तक कि महिला का पुलिस वैरीफिकेशन तक करवा दिया गया. पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471,120बी भारतीय दंड विधान और 66(डी) आईटीएक्ट के तहत अभियेोग लगाया है.

इसी तरह के मुकदमे में एक अपराधी को 4 फरवरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया.पुलिस इस गिरोह के दूसरे सदस्यों की तलाश कर रही है.

अपराध का तरीका

-अपराधियों का बेरोज़गार लड़के व लड़कियों को FCI, Railway, AIIMS आदि मे नौकरी लगाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये अपने अपने बैंक खातों मे प्राप्त करना व कई बार नौकरी मांगने वालो बेरोज़गार युवकों के खातों मे पैसे मंगवाकर फिर स्वंय उस पैसे को ले लेना।

– बेरोज़गार लड़के लड़कियों का लखनऊ, गोरखपुर, दिल्ली आदि जगहो पर फर्जी तरीके से पुलिस वेरिफिकेशन, मेडिकल, training, Interview कराना और उन्हे फर्जी Joining letter, पहचान पत्र देना, व सरकारी विभागो की फर्जी ईमेल आईडी बनाकर बेरोजगार युवक/युवतियों को उस ई-मेल आईडी से नौकरी के सम्बन्ध मे मेल करना।

इस तरह के मामलों से बचने के लिए उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स ने युवाओं से जागरुक रहने की अपील की है साथ ही किसी भी संदेह की स्थिति में पुलिस से संपर्क करने की अपील की है.

 

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