मंगलवार को घर से लेकर हनुमान मंदिरों तक प्रभु की पूजन- अर्चन और महिमा गण होती रही। विभिन्न इलाकों से निकली शोभायात्राएं और प्रभात फेरिया संकट मोचन मंदिर पहुंचीं, जहां पर भक्तों ने ध्वजा अर्पण कर हनुमान चालीसा का पाठ किया।
हनुमान ध्वजयात्रा भिखारीपुर से जैसे-जैसे आगे बढ़ी, रास्ते में जगह- जगह भक्तों ने यात्रा का फूल बरसाकर स्वागत किया। नेवादा, सुंदरपुर, नारियां, लंका, रविदास गेट, संकटमोचन तिराहे पर विभिन्न संस्थाओं, समितियों एवं व्यापारियों द्वारा स्वागत किया गया। यहां पीने के लिए पेयजल, शर्बत, फलाहार आदि की व्यवस्था भी की गई थी।
काशी में हनुमान जन्मोत्स 60 फीट के रथ पर रामलला की झांकी सजी और 11 हजार ध्वज लहराए ,1001 KG लड्डू का लगा भोग लगाया गया
भगवान शिव की नगरी काशी में मंगलवार को हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर हनुमत प्रभु के जयकारे गूंजे। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में चारों तरफ हनुमान जी के जन्मोत्सव की धूम रही
भिखारीपुर तिराहे से संकट मोचन मंदिर तक पूर्वांचल भर के भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं का हुजूम देख लगा मानो आस्था का ज्वार उमड़ गया हो। भक्तों का हुजूम इस कदर रहा कि 5.25 किलोमीटर की यह यात्रा पूरी करने में 4 घंटे से ज्यादा का समय लग गया।
25 फीट की विशाल मुख्य ध्वजा समिति के अध्यक्ष रामबली मौर्य द्वारा अर्पित की गई, जिसके बाद श्रद्धालु हनुमान जी के चरणों में ध्वज अर्पित कर खुद को धन्य करते रहे। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक महा चालीसा पाठ कर प्रभु के आगे अर्जी लगाई।
