रुड़की: बीते साल दिसंबर में पकड़ी गई ढाई करोड़ की नकली दवा के सात सैंपलों की रिपोर्ट फेल हो गई है. अभी आठ सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है. देश के 12 राज्यों में 110 दवा कारोबारियों को यह नकली दवा सप्लाई की जा रही थी.
औषधि नियंत्रण विभाग(Drug Control Department) की टीम ने पिछले साल चार दिसंबर को नकली दवा बनाने की सूचना पर रुड़की(Roorkee) और भगवानपुर में छापे मारकर ढाई करोड़ की दवाएं पकड़ी थी. यह सभी दवा अवैध रूप से संचालित दवा फैक्ट्री में बनाई गई थी.
टीम ने नकली दवा बनाने और उनकी सप्लाई विभिन्न राज्यों में करने के आरोप में चार माफिया(Mafia) को गिरफ्तार किया था. इनमें विपुल गोयल, गौरव त्यागी, गिरीश स्नेही और दिनेश पांडेय के नाम शामिल हैं. आरोपितों के कार्यालय और घर से बरामद दस्तावेजों व मोबाइल नंबर आदि भी औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने जब्त कर लिए थे. बरामद दवाओं के 15 सैंपल जांच के लिए रुद्रपुर लैब भेजे गए थे.
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औषधि नियंत्रण विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह राणा ने बताया कि सात सैंपल की रिपोर्ट लैब से आ गई है, जो फेल हो गए हैं. आठ सैंपल की रिपोर्ट आनी अभी शेष है. उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपित दवाओं की सप्लाई देश के 12 राज्यों में कर रहे थे. इन राज्यों के विभिन्न शहरों में कारोबार करने वाले 110 दवा कारोबारियों को चिह्नित किया जा चुका है. इनकी संलिप्ता की जांच चल रही है. इन दवाओं की सप्लाई उड़ीसा(Orissa), कर्नाटक(Karnataka), गुजरात(Gujarat), राजस्थान(Rajasthan), मध्य प्रदेश(Madhya Pradesh), उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh), दिल्ली(Delhi), हरियाणा(Haryana), हिमाचल प्रदेश(Himachal Pradesh), पश्चिम बंगाल(Pashchim Bengal), पंजाब(Punjab) एवं महाराष्ट्र(Maharashtra) के विभिन्न शहरों में की जा रही थी.
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