यूरोपीय संघ की जलवायु एजेंसी ने मंगलवार को कहा कि अल नीनो (El Nino) की स्थितियों और मानव जनित जलवायु परिवर्तन के संयुक्त प्रभाव की वजह से दुनिया में अब तक का सबसे गर्म मार्च महीना अनुभव किया गया है। इसकी वजह से यह पिछले साल जून के बाद से लगातार 10वां महीना है जब तापमान ने नया रिकॉर्ड बनाया है।जलवायु एजेंसी ने कहा, “पिछले 12 महीनों (अप्रैल 2023-मार्च 2024) में वैश्विक औसत तापमान सबसे अधिक दर्ज किया गया है, जो साल 1991-2020 के औसत से 0.70 डिग्री सेल्सियस अधिक और 1850-1900 पूर्व-औद्योगिक औसत तापमान से 1.58 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है।”कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस ने कहा कि वैश्विक औसत तापमान जनवरी में पहली बार पूरे साल के लिए 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर गया। हालांकि, पेरिस समझौते में बताए गए 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा का स्थायी उल्लंघन कई सालों से हो रहा है
साल 1991-2020 के मार्च महीने के दौरान औसत तापमान में 0.73 डिग्री सेल्सियस की बढोत्तरी हुई। वहीं, मार्च 2016 में 0.10 डिग्री सेल्सियस की बढोत्तरी हुई।
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