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राजनीति : उत्तराखंड में स्कूली शिक्षा पर आप-बीजेपी की ‘थू-थू,मैं-मैं’, “सेल्फी विद स्कूल”

देहरादून| उत्तराखंड राज्य के सरकारी स्कूलों को मुद्दा बनाकर प्रदेश की राजनीति में जगह बनाने की कोशिश कर रही आम आदमी पार्टी(AAP) ने भाजपा(BJP) पर हमले तेज कर दिए हैं. सरकारी स्कूलों की मौजूदा स्थिति पर पार्टी ने ‘सेल्फी विद स्कूल'(Selfie with school) अभियान चलाया है जो तीन दिन तक चलेगा.

 

 

 

 

 

 

आम आदमी पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता उमा सिसोदिया

आप ने प्रदेश की जनता से इस अभियान से जुड़कर स्कूलों की स्थिति उजागर करने में मदद करने की अपील की है. आप के प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता उमा सिसोदिया(Uma Sisodia) ने कहा कि जब पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया(Manish Sisodia) ने अपने उत्तराखंड(Uttarakhand) दौरे के दौरान यहां के स्कूलों की हालत और शिक्षा पर चिंता व्यक्त की तो प्रदेश के मंत्री व विधायक तमाम दावे करते नजर आए. शिक्षामंत्री अरविंद पांडे(Arvind Pandey) ने तो उत्तराखंड में दिल्ली से बेहतर स्कूल होने का दावा कर दिया. अब आप ने इसका फैसला जनता पर छोड़ दिया है. इसी कड़ी में प्रदेशवासियों से अपील की गई है कि सेल्फी विद स्कूल अभियान से जुड़कर अपने आसपास के स्कूलों की बदहाली को सीधे मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री को इंटरनेट मीडिया के जरिये दिखाएं. जिससे सरकार के झूठे दावों की पोल खुल सके. इसके अलावा लोग स्कूलों की सेल्फी और वीडियो वाट्सएप नंबर 8800026100 के माध्यम से आप को भी भेज सकते हैं. इन वीडियो और सेल्फी को आप खुद मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री तक पहुंचाएगी. आप प्रवक्ता संजय भट्ट(Sanjay Bhatt) ने कहा कि पिछले 20 साल में उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था गर्त में पहुंच गई है. पहाड़ी क्षेत्रों के स्कूलों में अध्यापक नहीं है. बच्चों की कमी के चलते कई स्कूल बंद किए जा चुके हैं और कई बंद होने की कगार पर हैं.

तीन जनवरी को उत्तराखंड पहुंचे थे मनीष सिसोदिया

 

 

 

 

 

 

 

गौरतलब है कि कैबीनेट मंत्री मदन कौशिक(Cabinet Minister Madan Kaushik) को बहस की चुनौती देकर दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया तीन जनवरी को उत्तराखंड दौरे पर आए थे. बहस में मदन कौशिक की अनुपस्थिति के बाद उन्होंने डोईवाला में सरकारी स्कूल का निरीक्षण किया था. जिसके बाद उत्तराखंड के मंत्री-विधायकों और आप में जबानी तकरार में जमकर बयानबाजी देखने को मिल रही है. त्रिवेंद्र सरकार का दावा है कि राज्य में स्कूली शिक्षा का स्तर दिल्ली से बेहतर है.

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