- उत्तराखंड का मुस्लिम कट्टर नहीं – शम्स
देहरादून| केंद्र (Central government) के माइनॉरिटीज (Minorities )को मुख्यधारा में बराबरी देने के लिए बनाए गए 15 सूत्रीय कार्यक्रम और क्रियान्वयन कमेटी के उपाध्यक्ष ( Deputy Chairmen), राज्यमंत्री शादाब शम्स (Minister Of State )के साथ उदय प्रभात के एक्सक्लूजिव (Exclusive) इंटरव्यू में राज्य में अल्पसंख्यकों से जुड़ी कल्यणकारी योजनाओं ( Public welfare projects ), बीजेपी के मिशन 2022 (Mission 2022 ) और तमाम अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत हुई.
अल्पसंख्यकों को इस योजना से कितना लाभ मिल रहा है ?
सवाल पर राज्यमंत्री शम्स ने कहा कि केंद्र का 15 सूत्रीय कार्यक्रम अपने आप में एक बहुत बड़ी योजना है. केंद्र की तमाम योजनाएं, जो अल्पसंख्यकों के लिए चलाई जाती हैं, का लाभ उत्तराखंड को मिल रहा है. केंद्र सरकार के कार्यक्रम के अंगर्गत चल रही कई सौ करोड़ की योजनाओं का निरीक्षण करके पता चलता है कि केंद्र और राज्य अच्छा काम कर रही हैं.
शम्स ने कहा कि बीजेपी (BJP )में धर्म या जाति के आधार पर योजनाएं नहीं बनाई जाती. अल्पसंख्यक इलाकों में शिक्षा विशेष तौर बालिकाओं के लिए और पेयजल आपूर्ति (Drinking water Supply) पर काफी काम किया गया है.
बीजेपी की हिंदूवादी छवि होने के सवाल पर शम्स ने असहमति जताई और कहा कि बीजेपी पर कोई हिंदुवादी संगठन हावी नहीं रहा है. यह विपक्ष की भाषा है. हमारी पार्टी ‘सबका साथ, सबका विकास’ के एजेंडे पर चलती है. पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को हमारी हा पार्टी ने राष्ट्रपति बनाया था. शम्स ने साथ ही पार्टी में मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन का भी उदाहरण दिया.

क्या उत्तराखंड (Uttarakhand) में मुस्लिम (Muslims ) बीजेपी (BJP) को सपोर्ट करते हैं ?
सवाल का जवाब देते हुए कहा कि बहुत तेजी के साथ मुस्लिम युवा और महिलाएं बहुत तेजी से हमारे साथ जुड़ रहा है. माइनॉरिटीज (Minorities) के पिछड़ने का कारण वोट बैंक (Vote Bank ) की राजनीति (Politics) है. उत्तराखंड का मुस्लिम समाज राष्ट्रवाद (Nationalism) की भावना से ओत-प्रोत है. मुस्लिम समाज हमारे विचारों से जुड़ता जा रहा है.
विधानसभा चुनावों में दावेदारी को लेकर राज्यमंत्री शम्स ने कहा कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं है. बीजेपी में हाईकमान सो जो भी दायित्व मिलेगा वह उसका निर्वहन करेंगे. यदि कोई अल्पसंख्यक जीतता है तो जरूर उसे टिकट दिया जाएगा.
पाकिस्तान में मंदिर जलने के विरोध में शम्स ने 14 जनवरी को देहरादून लैंसडॉन चौक पर पाकिस्तान का पुतला फूंका था. विरोध का जिक्र करते हुए शम्स ने कहा कि दुनिया में कहीं भी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होगा तो उसका विरोध किया जाएगा.
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अल्पसंख्यक वोटरों के रुझान को लेकर चर्चा में दावा किया कि रुझान भाजपा के साथ है और ‘इस बार 60 पार’
आम आदमी पार्टी पर तीखे तंज कसते हुए शम्स ने पूछा कि ‘आप’ के पास इतना रुपया और महंगी गाढ़ियां कहां से आई? जो पार्टी ईमानदारी का दावा करती है वह यह जवाब दे. हर विधानसभा सीट से एक करोड़ रुपया आप पार्टी कहां से खर्च करने का दावा कर रही है. आम आदमी पार्टी एक्सपोज हो चुकी है.
- आखिर में राज्यमंत्री शादाब शम्स ने गंगा-जमुनी तहजीब की बात कहते हुए कहा कि उत्तराखंड मुस्लिम समाज कट्टर नहीं है. यह संदेश हर जगह है और यह दावा किया कि इस बार तेजी से अल्पसंख्यक बीजेपी से जुड़ रहे हैं. चुनाव आते-आते लाखों लोग पार्टी की सदस्यता लेंगे.
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