बसपा ने लोकसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को चौथी सूची जारी कर दी है। पार्टी की चौथी सूची में सोशल इंजीनियरिंग की झलक स्पष्ट नजर आती है। नौ नामों की सूची में तीन ब्राह्मण, तीन ओबीसी, दो मुस्लिम और एक अनुसूचित जाति वर्ग के प्रत्याशी को मौका दिया गया है।
हाल ही में कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल होने वाले बालकृष्ण चौहान को घोसी से मैदान में उतारा गया है। चौहान इस सीट पर चार बार चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने 1999 में बसपा के टिकट पर घोसी से जीत हासिल की थी। बस्ती से टिकट पाने वाले दयाशंकर मिश्र पिछले तीन दशक से भाजपा की राजनीति से जुड़े हुए थे। दयाशंकर मिश्र से चुनाव में उतरने से बस्ती की जंग रोमांचक हो गई है। भाजपा ने यहां से दो बार से सांसद हरीश द्विवेदी को चुनाव मैदान में उतारा है।गोरखपुर से पार्टी ने जावेद सिमनानी को टिकट दिया है। भाजपा ने यहां से रवि किशन और सपा ने काजल निषाद को उतारा है। करीब एक माह पूर्व भाजपा छोड़कर बसपा में शामिल होने वाले सच्चिदानंद पांडेय को पार्टी ने फैजाबाद से प्रत्याशी बनाया है।बसपा ने एटा से मोहम्मद इरफान पर भरोसा जताया है। पेश से वकील इरफान लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। गठबंधन में यह सीट सपा के खाते में जाने के कारण उनका मोह कांग्रेस से भंग हो गया था। भाजपा छोड़कर बसपा में शामिल हुए श्याम किशोर अवस्थी धौरहरा से प्रत्याशी होंगे। वहीं, चंदौली से सत्येंद्र कुमार मौर्य और राबर्ट्सगंज से धनेश्वर गौतम को बसपा ने मौका दिया है।बसपा ने एटा से मोहम्मद इरफान पर भरोसा जताया है। पेश से वकील इरफान लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। गठबंधन में यह सीट सपा के खाते में जाने के कारण उनका मोह कांग्रेस से भंग हो गया था। भाजपा छोड़कर बसपा में शामिल हुए श्याम किशोर अवस्थी धौरहरा से प्रत्याशी होंगे। वहीं, चंदौली से सत्येंद्र कुमार मौर्य और राबर्ट्सगंज से धनेश्वर गौतम को बसपा ने मौका दिया है।
