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अररिया लॉ कॉलेज के प्रोफेसर अपहरण मामले में गुरुवार को डॉग स्क्वायड की टीम ने लॉ कॉलेज पहुंचकर आस पास के इलाकों में जांच

अररिया लॉ कॉलेज के प्रोफेसर अपहरण मामले में गुरुवार को डॉग स्क्वायड की टीम ने लॉ कॉलेज पहुंचकर आस पास के इलाकों में जांच की। बता दें कि 24 सितंबर 2022 को प्रोफेसर विपिन किशोर मिश्रा का अपहरण उस वक्त हो गया था जब वे शाम में कॉलेज से निकले थे। कई दिनों बाद तक उनका कोई अता-पता नहीं चला तो परिजनों ने अपहरण का केस दर्ज कराया, अपहरण के एक साल से अधिक हो जाने के बाद भी अभी तक उनका कुछ पता नहीं लगा है। वहीं पुलिस द्वारा भी इसकी लगातार खोजबीन की जा रही है। गुरुवार को डॉग स्क्वायड की टीम ने लॉ कॉलेज पहुंचकर वहां के आस-पास के क्षेत्रों में जांच की।थाना अध्यक्ष ने बताया कि इससे पहले भी ने FSL की टीम यहां पहुंचकर कई बार जांच कर चुकी है, लेकिन अभी तक कुछ भी इस मामले में जानकारी नहीं मिल पा रही है। नगर थाना अध्यक्ष निर्मल कुमार यादवेंदु ने बताया कि एसपी अशोक कुमार सिंह की पहल पर गुरुवार को डॉग स्क्वायड की टीम अररिया पहुंचकर एक साल पहले अपहृत लॉ कॉलेज के प्रोफेसर विपिन मिश्रा की गुत्थी सुलझाने के लिए दिनभर शहर में छान मारते रही ।डॉग स्क्वायड टीम के साथ स्वांग दस्ता भी लगे रहे, लेकिन डॉग स्क्वायड की टीम को कोई सफलता हाथ नहीं लगी। लॉ कॉलेज के प्रोफेसर विपिन किशोर मिश्रा के अपहरण के बाद अगले ही दिन उनकी पत्नी प्रेम लता मिश्रा ने नगर थाना में अपहरण को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसके बाद से ही पुलिस अपहरण के मामले में अनुसंधान कर रहे हैं, लेकिन पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल पाया है।
डॉग स्क्वायड टीम के साथ अपहरण कांड संख्या 826/22 के अनुसंधानकर्ता सह नगर थानाध्यक्ष निर्मल कुमार यादवेंदु भी लगे रहे। पुलिस और डॉग स्क्वायड टीम को कोई सफलता नहीं मिल पाई है।एसपी की पहल पर 26 अक्टूबर को पटना से पहुंची मेटल डिटेक्टर और बम दस्ता की टीम ने भी त्रिशुलिया घाट, बाबा की कुटी आसपास के जंगलों में मेटल डिटेक्टर के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया था कि कहीं उनका मोबाइल या फिर उनकी शव तो आसपास नहीं है । मेटल डिटेक्टर और बम दस्ता के एक्सपर्ट हवलदार रविकांत दुबे के नेतृत्व में पहुंची टीम को भी कोई सफलता नहीं मिल पाई है

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