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बिजनौर में उत्तराखंड सीमा पर बसे गांव विकास से महरूम, प्रतिवर्ष नदी में बह जाती है कई जिंदगियां

उत्तर प्रदेश में उत्तराखंड की सीमा पर बने गांव में कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है और ना ही कोई अधिकारी इस गांव की ओर ध्यान देता है। बरसात के मौसम में हर बार गांव में बहने वाली नदी में ग्रामीणों की जान बहने के कारण चली जाती है। परंतु उन मौत के बावजूद भी आज किसी भी तहसील और जनपद स्तरीय अधिकारी ने इस ओर अपनी जिम्मेदारी को नही समझा ।

दरअसल तहसील नजीबाबाद की ग्राम पंचायत मिर्जापुर के प्रीतमगढ़ गांव में आज तक कोई आने जाने का रास्ता नहीं है, जिसके कारण गांव वालो को नदी से होकर जाना पड़ता है, जिससे हर साल किसी न किसी की जान इस नदी में बह कर चली जाती है। ग्राम प्रीतमगढ़ में जाने के रास्ते की सूचना लगातार जिले के उच्चअधिकारियों को दी जा रही है, लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ। यह गांव उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा पर है, जिस कारण जिला प्रशासन की नजर यहां नहीं पड़ रही है। युवा जिला अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन प्रधान ठाकुर अरूण कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। युवा जिला अध्यक्ष अरुण कुमार का कहना है कि जहां एक ओर सरकार विकास कार्यों की ओर अग्रसर है, वहीं गांव प्रीतमगढ़ में आज तक पुराने जमाने की तरह नदी से गुजर कर जाना पड़ता है, जिस कारण हर वर्ष ग्रामीणों की नदी में डूबने से मौत हो रही है। इस वजह से ग्रामीणों में आक्रोश की लहर फैली हुई है। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाए।

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