आज यानी 16 अक्टूबर को हर साल विश्व खाद्य दिवस मनाया जाता है। विश्व खाद्य दिवस मनाने का उद्देश्य विश्व भर में भुखमरी और पोषण की कमी के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। फूड दिवस पर कई कार्यक्रमों के जरिए लोगों को भुखमरी के खिलाफ आवाज उठा कर सचेत किया जाता है। साथ ही भुखमरी और पोषण के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
16 अक्तूबर 1945 में फूल और एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (फाओ) की स्थापना हुई थी। फाओ के स्थापना दिवस के मौके पर विश्व खाद्य दिवस मनाने का फैसला लिया गया। भोजन या खाद्य सामग्री शरीर को स्वस्थ रखने, ऊर्जावान देने के लिए बेहद आवश्यक है। ऐसे में स्वस्थ खानपान शरीर को अधिक मजबूती देता है। इसके अलावा रोगों के जोखिमों से बचाने के लिए इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में भी कुछ खाद्य पदार्थ विशेष भूमिका निभाते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, इम्युनिटी का बनना सतत प्रक्रिया है यानी कि इसके लिए आपको लगातार प्रयास करते रहने की आवश्यकता होती है। इसमें पौष्टिक आहार की विशेष भूमिका होती है। हालांकि कुछ खाद्य सामग्रियां ऐसी भी हैं जिनका सेवन इम्यूनिटी को नुकसान पहुंचा सकता है।
प्रतिरक्षा प्रणाली से लेकर संपूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए तला भुना खाना काफी नुकसानदायक हो सकता है। ज्यादा तली चीजों में एडवांस ग्लाइकेशन एंड प्रोडेक्ट्स (एजीई) की अधिकता होती है, ये यौगिक स्वाभाविक उच्च तापमान पर चीजों को तलने से उत्पन्न होते हैं।
एक शोध में वैज्ञानिकों की टीम ने बताया कि जो लोग अक्सर फ्रेंच फ्राइज जैसी तली हुई चीजें खाते हैं उनमें अवसाद की समस्या होने का जोखिम अधिक हो सकता है।
अधिक मीठे का सेवन कई रोगों का कारक बन सकता है। ज्यादा मीठी चीजें, चीनी या मीठे पेय जैसे कोल्ड ड्रिंक्स और एडेड शुगर वाली चीजें शरीर को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती हैं। इसके साथ ही ये प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर बनाने का काम भी करता है। मीठे के कारण होने वाली हानि पर किए गए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि फ्रुक्टोज (चीनी का तत्व) का अधिक सेवन आंत के माइक्रोबायोटा के लिए नुकसानदायक हो सकता है, साथ ही यह शरीर में इंफ्लामेशन के जोखिमों को भी बढ़ा देता है।
