केदारनाथ विधानसभा उप चुनाव का शंखनाद होने के साथ ही टिकट के दावेदारों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। दोनों दलों से अब, कौन दीपावली मनाएगा और किसे इंतजार करना होगा, इसका निर्णय भी जल्द हो जाएगा। साथ ही चुनावी रणनीति को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है।
इस वर्ष नौ जुलाई की रात्रि को केदारनाथ की विधायक शैलारानी रावत के निधन से सीट खाली है। लगभग ढाई माह के इंतजार के बाद अब चुनाव आयोग ने उप चुनाव की घोषणा कर दी है। जिसके साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है। विस में 20 नवंबर को चुनाव के तहत मतदान होना है। उप चुनाव को लेकर भाजपा बीते दो माह से विस क्षेत्र में डेरा जमाए हुए है।
वर्ष 2017 में भाजपा ने उन्हें केदारनाथ विस से टिकट दिया तो पूर्व विधायक आशा नौटियाल बागी होकर निर्दलीय मैदान में उतरी, जिसके चलते कांग्रेस से मनोज रावत पहली बार विस में पहुंचे। स्थिति यह रही कि अपने गढ़ में भाजपा जहां चौथे स्थान पर खिसकी, वहीं आशा नौटियाल को पार्टी से निलंबित कर दिया गया।
