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उत्तराखंड भू-कानून: पर्यटन हब बनाने के नाम पर ली 123 बीघा सरकारी जमीन, 300 लोगों को बेच दी

देहरादून: उत्तराखंड में एक सशक्त भू कानून की कितनी आवश्यकता है, यह खबर पढ़ कर आप इसका अंदाजा लगा सकते हैं। करीब बारह साल पहले एक व्यक्ति ने उत्तराखंड सरकार से पर्यटन हब बनाने के नाम पर कई बीघा जमीन ली और बाद में इस जमीन पर प्लाटिंग करके करीब 300 लोगों को बच दी। मोहित डिमरी और उनके साथी नमन चंदोला ने देहरादून में एक बड़े जमीन घोटाले का खुलासा किया है।

भू कानून के लिए अक्सर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने वाले भू कानून समन्वय समिति के संयोजक मोहित डिमरी और उनके साथ ही नमन चंदोला ने देहरादून के रानी पोखरी इलाके में झीलवाला में सरकारी जमीन पर एक बड़े जमीन घोटाले का खुलासा किया है। करीब बारह साल पहले एक व्यक्ति ने उत्तराखंड सरकार से पर्यटन हब बनाने के नाम पर कई बीघा जमीन ली और बाद में इस जमीन पर प्लाटिंग करके करीब 300 लोगों को बच दी। देहरादून के रानी पोखरी के झील वाला में जमीन के नाम पर हुए इस जमीन के खेल में उत्तराखंड के भोले भाले लोगों से कई करोड़ रुपए वसूले गए हैं। अब लोग अपने खून पैसे की कमाई को वापस लेने के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

एक बाहर की कंस्ट्रक्शन कंपनी के द्वारा उत्तराखंड सरकार से पर्यटन हब बनाने के नाम पर लगभग 123 बीघा के आसपास जमीन ली गई। इसके बाद इस जमीन पर प्लाटिंग के नाम पर कई लोगों को जमीन के 300 टुकड़े बेच दिए गए। बेचते वक्त लोगों से प्लॉट की पूरी कीमत की 50% धन राशि एडवांस ली गई। बाद में जब पर्यटन हब की जमीन पर टाउनशिप की परमिशन नहीं मिली तो लोगों को प्लाट भी नहीं मिला और उनका पैसा भी कंपनी गटक गई।

अब सामाजिक कार्यकर्ता मोहित डिमरी ने 150 लोगों के डाटा के साथ जब कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक से बात की तो कहा गया कि लोगों का पैसा जल्द ही वापस कर दिया जाएगा। राज्य समीक्षा की सरकार से अपील है कि ऐसे लोग जो उत्तराखंड की सरकारी जमीनों पर लोगों को ठगने से बाज नहीं आ रहे, ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करे.. सरकार को भू-कानून पर सशक्त सन्देश देना चाहिए।

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