ENGINEERS PROMOTION IN UPCL
उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले के बाद UPCL में AE प्रमोशन का मामला सुलझ नहीं रहा है.
देहरादून: उच्च न्यायालय के आदेश और शासन स्तर पर गठित समिति की अनुशंसा के आधार पर 4 जून 2025 को सहायक अभियंताओं की न्यायोचित वरिष्ठता सूची जारी की गई। इस सूची के विरुद्ध कुछ अन्य संवर्गों द्वारा की गई अनर्गल टिप्पणियों तथा प्रबंधन पर दबाव बनाने की खबरें सामने आने के बाद उत्तरांचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने शुक्रवार को एक शांतिपूर्ण सांकेतिक गेट मीटिंग आयोजित की।
इस बैठक में एसोसिएशन ने स्पष्ट रूप से कहा कि न्यायसंगत रूप से तैयार की गई वरिष्ठता सूची को किसी भी स्थिति में बदला नहीं जाना चाहिए। उन्होंने प्रबंधन से रिक्त पदों पर शीघ्र पदोन्नति की मांग की, ताकि प्रदेश के युवाओं को भविष्य में नियुक्ति के अवसर प्राप्त हो सकें।

एसोसिएशन ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे “मूल निवासी” संबंधी भ्रामक बयानों को विघटनकारी करार देते हुए कहा कि इस तरह की बयानबाज़ी राज्य की एकता के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वरिष्ठता सूची में शामिल सीधी भर्ती के सहायक अभियंता भी उत्तराखंड राज्य के ही मूल निवासी हैं।
गेट मीटिंग के माध्यम से एसोसिएशन ने यह विश्वास व्यक्त किया कि न्यायालय के आदेशों और समिति की रिपोर्ट पर आधारित अंतिम वरिष्ठता सूची के आधार पर की जाने वाली पदोन्नति से राज्य के उपभोक्ताओं को और बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
