रुद्रप्रयाग: केदारघाटी में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पर जगह-जगह गदेरे उफान पर आ गए हैं। इससे तीर्थयात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को जंगलचट्टी क्षेत्र में भारी वर्षा के चलते अचानक गदेरे में मलबा और बड़े पत्थर आने से यात्रा मार्ग बाधित हो गया, जिससे सोनप्रयाग में यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
सोमवार को मौसम में सुधार के बाद लोक निर्माण विभाग गुप्तकाशी की टीम ने जंगलचट्टी क्षेत्र में मलबा और बोल्डर हटाकर मार्ग को फिर से सुचारू किया। इसके बाद यात्रियों की आवाजाही बहाल हो सकी और उन्होंने राहत की सांस ली।

गौरीकुंड से केदारनाथ तक 19 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग में जंगलचट्टी से भीमबली के बीच तीन स्थानों पर गदेरे उफान पर हैं। इन स्थानों पर बार-बार मलबा और पत्थर आने से मार्ग अवरुद्ध हो रहा है, जिससे यात्रा में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।
रविवार को जंगलचट्टी में मलबे की चपेट में आने से एक घोड़ा-खच्चर संचालक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए। इस हादसे के बाद एहतियातन पुलिस और प्रशासन द्वारा सोनप्रयाग में यात्रियों को रोक दिया गया था।
