Udayprabhat
uttrakhand

उत्तराखंड पंचायत चुनाव: हाईकोर्ट ने आरक्षण रोस्टर विवाद में चुनाव प्रक्रिया पर रोक बरकरार, कल होगी सुनवाई

नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य के 12 जिलों में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में आरक्षण रोस्टर को लेकर दायर याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई की। न्यायालय ने फिलहाल चुनाव प्रक्रिया पर रोक को बरकरार रखा है और अगली सुनवाई शुक्रवार को तय की है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ में सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता एस.एल. बाबुलकर और मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने पक्ष रखते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के बाद आरक्षण रोस्टर को शून्य घोषित करना सरकार के पास एकमात्र विकल्प था। उन्होंने कहा कि 9 जून को नई नियमावली जारी की गई, जिसे 14 जून को गजट में प्रकाशित कर दिया गया था।

वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि सरकार द्वारा नया आरक्षण रोस्टर लागू करना उत्तराखंड पंचायत राज अधिनियम 2016 और संविधान के अनुच्छेद 243-T के विरुद्ध है, क्योंकि आरक्षण में रोस्टर का पालन एक संवैधानिक बाध्यता है।

बागेश्वर निवासी गणेश कांडपाल सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने सरकार की 9 और 11 जून की अधिसूचनाओं को अदालत में चुनौती दी। उनका कहना है कि सरकार ने पहले के सभी आरक्षण रोस्टरों को शून्य कर दिया और पहली बार नए रोस्टर को इसी चुनाव से लागू कर दिया, जो अदालत के पूर्व आदेशों और अधिनियम की धारा-126 के अनुरूप नहीं है।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी सवाल उठाया कि जब 14 जून को गजट अधिसूचना हो चुकी थी, तो सचिवालय और अन्य संस्थाओं को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई? एक प्रशासनिक चूक ने पूरी चुनाव प्रक्रिया को संकट में डाल दिया है।

सरकार की ओर से चुनाव प्रक्रिया पर लगी रोक हटाने का आग्रह किया गया, लेकिन कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि यदि आरक्षण निर्धारण में त्रुटि हो तो उसका विस्तृत विवरण पेश करें।

Leave a Comment