मोक्ष नदी उफान पर, कई घरों में घुसा पानी; सड़कें बहीं, संपूर्ण घाटी बाजार से कटी; प्रशासन ने राहत व पुनर्वास कार्य शुरू किया.
चमोली: उत्तराखंड में मानसून ने दस्तक के साथ ही कहर बरपाना शुरू कर दिया है। राज्य के कई जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है, जिसको देखते हुए मौसम विभाग ने आज भी अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं।
इसी कड़ी में बीती देर रात चमोली जनपद के नंदानगर विकासखंड अंतर्गत धुर्मा, मोख, सेंतोली और कुण्डी गांवों में भारी बारिश से तबाही मची। स्थानीय लोग इसे “बादल फटने” की घटना बता रहे हैं, हालांकि प्रशासन इसे अतिवृष्टि मान रहा है।

इस आपदा का सबसे गहरा असर मोख वैली में देखने को मिला है। मोक्ष नदी के किनारे बसा सेरा गांव खतरे की जद में आ गया है। नदी के उफान पर आने से कई घरों में पानी घुस गया और दो गौशालाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। ग्रामीणों ने रात में ही सुरक्षित स्थानों पर भागकर जान बचाई।
भारी बारिश के चलते इलाके की सड़कें कई स्थानों पर पूरी तरह से बह गईं, जिससे संपूर्ण घाटी का बाजार और मुख्य मार्गों से संपर्क टूट गया है। आपदा की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हुई और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
जिलाधिकारी संदीप तिवारी के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने मौके का निरीक्षण किया और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री वितरित करने के आदेश दिए। साथ ही ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। ग्रामीणों ने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है।
