मसूरी : पर्यटन नगरी मसूरी की मॉल रोड इन दिनों स्थानीय पटरी दुकानदारों और नगर पालिका प्रशासन के बीच विवाद का केंद्र बनी हुई है। नगर पालिका द्वारा अव्यवस्था और अतिक्रमण को हटाने के तहत की गई कार्रवाई के बाद से पटरी दुकानदारों की आजीविका पर संकट मंडरा गया है। इसी मुद्दे को लेकर हाल ही में पटरी व्यापारियों ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात कर मदद की गुहार लगाई।
मंत्री से मिलकर छलके दुकानदारों के आंसू.
दुकानदारों ने मंत्री को बताया कि वे कई वर्षों से मॉल रोड पर छोटे-मोटे सामान बेचकर अपने परिवार का गुज़ारा कर रहे थे। उन्हें हटाने के बाद उनके पास कोई वैकल्पिक आय का स्रोत नहीं बचा है, जिससे उनके समक्ष जीवन यापन की कठिनाई खड़ी हो गई है। मंत्री के समक्ष दुकानदार अपनी व्यथा बताते हुए भावुक हो गए।
गणेश जोशी ने जताई सहानुभूति, दिया आश्वासन
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने इस मुद्दे पर सहानुभूति जताते हुए कहा कि नगर पालिका पात्र पटरी दुकानदारों को उचित स्थान पर व्यवस्थित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले दो महीनों में पात्र और जरूरतमंद दुकानदारों को मॉल रोड के बाहर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर पुनः व्यवस्थित किया जाएगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि, “जो वाकई जरूरतमंद हैं और जिनके पास आय का कोई अन्य साधन नहीं है, उनकी पूरी सहायता की जाएगी, लेकिन मॉल रोड पर फिर से अराजकता या अव्यवस्था को दोहराने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी का बयान
पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने मॉल रोड पर कार्रवाई को उचित ठहराते हुए कहा कि मॉल रोड की अंतरराष्ट्रीय छवि प्रभावित हो रही थी। उन्होंने बताया कि पालिका की जांच में कई ऐसे मामले सामने आए, जहां आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी अवैध रूप से पटरी लगा रहे थे। एक ही परिवार के कई सदस्य अलग-अलग स्थानों पर दुकान चला रहे थे।
उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य मॉल रोड को साफ-सुथरा और पर्यटन के अनुकूल बनाना है। इसलिए 1 जुलाई को सभी पटरी दुकानदारों को हटाया गया। अब पात्र व्यक्तियों को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पुनः व्यवस्थित किया जाएगा।
पालिका और मंत्री दोनों ने यह भी साफ किया कि इस मुद्दे पर यदि कोई राजनीति करने की कोशिश करता है, तो उसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। व्यवस्थित पुनर्वास की प्रक्रिया न्याय और पारदर्शिता के साथ की जाएगी ताकि मॉल रोड की गरिमा बनी रहे।
