नैनीताल: भूमियाधार क्षेत्र में सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। एसडीएम नवाजिश खालिक के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने लगभग 25 अवैध दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान स्थानीय दुकानदारों, खासकर महिलाओं ने कार्रवाई का जोरदार विरोध किया और इसे रोज़गार पर प्रहार बताया।
कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। विरोध के बावजूद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया जारी रखी। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई और संबंधित दुकानदारों को पूर्व में नोटिस देकर चेतावनी दी गई थी।
एसडीएम नवाजिश खालिक ने बताया:
> “दुकानें सड़क किनारे अवैध रूप से बनाई गई थीं, जिससे यातायात बाधित हो रहा था और दुर्घटनाओं की संभावना बनी हुई थी। कई बार सूचना देने और समय देने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।”
स्थानीयों ने उठाए सवाल:
दूसरी ओर, प्रभावित दुकानदारों और स्थानीय महिलाओं ने प्रशासन की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण और एकतरफा बताया। उनका कहना है कि ये दुकानें उन्हें ग्राम पंचायत द्वारा ‘व्यू पॉइंट’ के नाम पर स्वरोजगार के लिए दी गई थीं।
दुकानदार रश्मी जयश्री ने कहा:
> “हम महिलाएं इन दुकानों के ज़रिए अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। अब प्रशासन ने बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के हमें उजाड़ दिया है। यह न केवल अन्याय है, बल्कि हमारे हक़ पर सीधा हमला है।”
प्रशासन का पक्ष:
प्रशासन का कहना है कि यह सरकारी भूमि है और उस पर अवैध कब्जा किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था में सुधार करना है, जिससे आमजन को लाभ मिल सके।
यह कार्रवाई जहां प्रशासनिक नियमों के तहत की गई बताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर इससे प्रभावित लोग इसे अपने रोज़गार और अस्तित्व पर संकट बता रहे हैं। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि प्रशासन इन लोगों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करता है या नहीं।
