चंपावत: जिलाधिकारी मनीष कुमार शुक्रवार को जिला पुस्तकालय के औचक निरीक्षण पर पहुंचे, जहां उनका एक अलग ही रूप देखने को मिला। निरीक्षण के दौरान डीएम एक शिक्षक की भूमिका में नजर आए और लाइब्रेरी में मौजूद छात्रों को गणित के जटिल विषय ट्रिग्नोमेट्री के सिद्धांत और मानचित्र अध्ययन की बारीकियां बेहद सरल और रोचक तरीके से समझाईं। जिलाधिकारी को इस रूप में देखकर छात्र उत्साहित हो उठे और पूरे मनोयोग से उनकी बातों को सुना।
डीएम मनीष कुमार ने छात्रों से विभिन्न विषयों पर संवाद करते हुए उन्हें रटने की बजाय विषय को समझने और विश्लेषणात्मक सोच विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने छात्रों की पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को भी गंभीरता से सुना और उनके समाधान का आश्वासन दिया।
भविष्य की तैयारी पर भी किया मार्गदर्शन:
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने छात्रों की करियर काउंसलिंग करते हुए उन्हें आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए। छात्रों ने भी खुलकर अपने विचार रखे और पुस्तकालय में आवश्यक सुविधाओं की मांग की।
छात्रों ने रखी ये प्रमुख मांगें:
पुस्तकालय में कंप्यूटर और स्टडी केबिन की स्थापना
AC और आधुनिक CCTV कैमरे (साउंड व मोशन रिकॉर्डिंग युक्त) की व्यवस्था
पाटी और रीठा साहिब क्षेत्रों में पुस्तकालय की स्थापना
जिलाधिकारी ने छात्रों की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि जल्द ही इन सभी पर अमल किया जाएगा। उन्होंने लाइब्रेरियन को निर्देश दिए कि लाइब्रेरी में अध्ययनरत छात्रों को शांत और अनुशासित माहौल मिले, इसके लिए किसी भी प्रकार की अशांति फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस सकारात्मक पहल ने न केवल छात्रों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि जिला प्रशासन और शिक्षा के बीच एक मजबूत संवाद की मिसाल भी पेश की।
