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नई दिल्ली में सीएम धामी ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात, नंदा राजजात यात्रा व अर्द्धकुंभ के लिए मांगे 3900 करोड़

कहा-उत्तराखण्ड विकसित भारत 2047 के विजन में प्रभावी भूमिका निभाने को तत्पर.
पीएम को घी, लाल, बासमती चावल, काला जीरा, गध रैण, जम्बू व शहद भेंट किया.

नई दिल्ली/देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्याचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री से 2026 में पर्वतीय महाकुंभ नंदा रामवार यात्रा और 2017 में हरिद्वार में अर्द्ध कुंभ के आयोजन के लिए 3000 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता देने का अनुरोध किया। सीएम ने प्रधानमंत्री को 2026 में प्रस्तावित नंदा राजजात पात्रा के आयोजन को जानकारी देते हुए इसके लिए पर्यावरण अनुकूल अवस्थापना सुविधाओं के लिए 400 करोड़ की मांग की और प्रधानमंत्री को इस पर्वतीय महाकुंभ में आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री से उत्तराखण्ड के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास में सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखण्ड विकसित भारत 2047 के विजन में अपनी प्रभावी भूमिका निभाने को तत्पर है। पीएम ने मुख्यमंत्री को उत्तराखण्ड के विकास के लिए केंद्र सरकार से हर सम्भव सहयोग के प्रति आस्वस्त किया। सीएम ने प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड में वर्ष 2026 में होने जा रही नंदा राजजात यात्रा की जानकारी देते हुए कहा कि इसके संचालन के लिए व्यापक रूप से पर्यावरण अनुकूल अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जानी हैं। सीएम ने पर्वतीय महाकुंभ नंदा राजा के लिए पीएम को आमंत्रित किया। यात्रा में अवस्थापना सुविधाएं सुनिश्चित किए जाने के लिए 400 करोड़ की धनराशि केंद्र से उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया। वर्ष 2027 में हरिद्वार में दिव्य और भव्य महाकुंभ के आयोजन के लिए 3500 करोड़ की वित्तीय सहायता दिये जाने का अनुरोध किया। सीएम ने ऋषिकेश और हरिद्वार शहरों में एचटी व एलटी विद्युत लाइनों को भूमियत करने के साथ ही विद्युत प्रणाली को स्वचालित करने के लिए भेजी गई 1015 करोड़ की डीपीआर को आरडीएसएस योजना के अंतर्गत स्योकुत करने का अनुरोध किया।

चौरासी कुटिया के लिए धनराशि की व्यवस्था का आग्रह.

सीएम ने कहा कि ऋषिकेश में चौरासी कुटिया को अपने पुराने रुप में लाने के लिए सरकार प्रयासरत है। इस अट्रीय वन्यजीव कोई से कराये जाने का आग्रह किया। हिम आदिआरित नदियों से जोड़ने के लिए कोसी लिक परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया है। पिंडर नदी के पानी को वर्षा आधारित 625 की वे लाखनसिचाई से लाभान्डित होगी।

पीएम को बताई काला जीरा, कनार घी, जम्बू, गंधरेण आदि औषधियो की उपयोगिता.

सीएम धामी ने प्रशननंत्री नदीको उत्तराखण्ड की जनजातीय समुदय द्वारा उमाया आने वाले काला औरा के वारे में विस्तार से जानकारी देने के साथ ही इसके शायदों के बारे में बताया। वह पेट से सबंधित विकारों में उपयोगी होता है और पाचन क्षमता तंत्र को सुधारता है। इसके साथ ही जनजातीय समुद्वारा उपजाने वाले जम्बू के कार और इसके स्वास्थ्य लाभ पर विस्तार से आनकारी दी। यह कोलेस्ट्राल को कर करने और रोगों के खतरे की घटाने में करता है। इससे धिताले और एटीआईट गुण होते विरही उत्पति होने वाले प्रमुखों में प्रयोग की आनकानी दी। गनाकर प्रयोग बासन प्रक्रिया दूररुस्थ करने के लिए किया जाता है। इसके साथ ही पहाड़ी जानी में इसका स्वाद के लिए किया जाता है। उन्होंने कनार घी जी पिथौरागढ़ के धारचूला की कनार घाटी में उत्पादित किया आता है के काले रंग, खुशबु और स्वाद की जानकारी दी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों के पास के नौवन में जड़ी बूटी आदि का दुकान करने के कारण उनके दुध में कई औषधीय गुण पाये जाते है।

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