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श्रीनगर गढ़वाल की सड़कों पर फैला उजाला, नई स्ट्रीट लाइटों से रोशन हुई सुरक्षा और सुकून की राहें- RINAGAR GARHWAL STREET LIGHTS

श्रीनगर गढ़वाल: पौड़ी जिले के श्रीनगर गढ़वाल में अब रात का अंधेरा धीरे-धीरे दूर होने लगा है, और इसकी वजह है – हाल ही में सड़कों के किनारे लगाई गईं नई स्ट्रीट लाइटें। श्रीनगर नगर निगम की ओर से की गई इस पहल ने श्रीनगर-पौड़ी रोड और श्रीनगर-बुघानी रोड जैसे लंबे समय से अंधेरे में डूबे क्षेत्रों को रोशनी से भर दिया है।

गंगा दर्शन से गौशाला तक अब रोशनी ही रोशनी

नगर निगम ने श्रीनगर-पौड़ी रोड पर गंगा दर्शन से लेकर गौशाला तक लगभग 80 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई हैं। यह इलाका पहले अपेक्षाकृत अंधेरा और असुरक्षित माना जाता था, लेकिन अब दूधिया रोशनी से न सिर्फ सड़कों की तस्वीर बदली है, बल्कि राहगीरों को भी बड़ी राहत मिली है।

स्थानीय निवासी अब निडर होकर सुबह और शाम की सैर के लिए निकल सकते हैं। पहले जहां अंधेरा भय का कारण बनता था, वहीं अब इन लाइटों के चलते लोगों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। स्थानीय निवासी अनीता रावत कहती हैं, “पहले रात को सड़क पर निकलना ही छोड़ दिया था, अब बच्चे भी निश्चिंत होकर ट्यूशन जा सकते हैं।

बुघानी में नई उम्मीद की किरणें

शहर के बुघानी क्षेत्र में भी 57 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। यह क्षेत्र लंबे समय से रोशनी की सुविधा से वंचित था और गुलदार जैसे जंगली जानवरों के हमलों के कारण यहां के लोग भयभीत रहते थे।

बुघानी निवासी सरिता देवी बताती हैं, “पहले शाम होते ही घर में कैद हो जाते थे, अब थोड़ी राहत मिली है। डर तो है, लेकिन अब रास्ता साफ दिखता है तो थोड़ी हिम्मत भी आ गई है।”

मेयर की अपील – अभी भी बरतें सतर्कता

श्रीनगर नगर निगम की मेयर आरती भंडारी ने इस प्रयास को एक शुरुआत बताया है और जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि शहर के विकास में हर संभव प्रयास जारी हैं। उन्होंने साथ ही यह चेतावनी भी दी कि स्ट्रीट लाइटों से मदद जरूर मिलेगी, लेकिन गुलदार का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

मेयर ने कहा, “हमने जो काम शुरू किया है, वह श्रीनगर को सुरक्षित, आधुनिक और रहने योग्य बनाने की दिशा में एक कदम है। लेकिन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर अकेले चलने से बचें और अति वीरान इलाकों में न जाएं।”

श्रीनगर में स्ट्रीट लाइटों की यह पहल सिर्फ रोशनी भर नहीं है, यह लोगों में सुरक्षा की भावना, सामाजिक गतिशीलता और नगर के विकास की नई आशा का प्रतीक है। अब यहां की सड़कों पर अंधेरा नहीं, उजाले की नई कहानी चल रही है।

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