चमोली: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मानसून का कहर लगातार जारी है। भारी बारिश और भूस्खलन से कई जगह जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खासकर चमोली जिले में हालात आपदा जैसे बने हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) संदीप तिवारी ने जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां 15 सितंबर तक रद्द कर दी हैं। साथ ही आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
सोमवार को वर्चुअल बैठक कर डीएम तिवारी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में जिले में भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके चलते भूस्खलन, सड़क टूटने, बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों को बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की सख्त मनाही है। डीएम ने स्पष्ट किया कि तैनाती स्थल पर अनुपस्थित पाए जाने पर आपदा प्रबंधन एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

डीएम तिवारी ने आपदा राहत कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पोकलैंड, जेसीबी, वुड कटिंग मशीन जैसे उपकरण हर समय तैयार रखने को कहा। साथ ही जिला युवा कल्याण अधिकारी को ऐसे पीआरडी जवानों की पहचान करने को कहा गया है, जिन्हें खाना बनाने और वाहन चलाने में दक्षता हो, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग राहत कार्यों में किया जा सके।
तहसील और ब्लॉक स्तर पर भी राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि गांवों में आपदा प्रबंधन के प्रयास तेज़ी से आगे बढ़ सकें। इसके अलावा जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को राहत केंद्र कुलसारी और चेपडों में भोजन व्यवस्था चाक-चौबंद रखने और गैस वितरण की आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि 22 अगस्त की रात को थराली तहसील और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश से आई आपदा ने तबाही मचाई थी। कई सड़कें टूट गईं, घरों को नुकसान पहुंचा और दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल भी हुए। तब से क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन बार-बार हो रही बारिश से मुश्किलें और बढ़ रही हैं।
डीएम तिवारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि दायित्वों के निर्वहन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस सख्ती से उम्मीद जताई जा रही है कि राहत और बचाव कार्यों में तेजी आएगी और प्रभावित लोगों को जल्द राहत मिल सकेगी।
