एशिया कप से पहले टीम इंडिया को झटका, बीसीसीआई ने सपोर्ट स्टाफ के अहम सदस्य राजीव कुमार की सेवाएं समाप्त की
नई दिल्ली: एशिया कप 2025 की शुरुआत से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट टीम को एक अप्रत्याशित झटका लगा है। इस बार झटका किसी खिलाड़ी के चोटिल होने से नहीं, बल्कि टीम के सपोर्ट स्टाफ के एक बेहद अहम सदस्य के जाने से लगा है। बीसीसीआई ने टीम इंडिया के लंबे समय से जुड़े मसाजर (फिजियो-सपोर्ट स्टाफ) राजीव कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
राजीव कुमार पिछले नौ वर्षों से भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं और खिलाड़ियों के लिए पर्दे के पीछे से एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम की तरह काम करते थे। भले ही क्रिकेटप्रेमी उनके नाम से परिचित न रहे हों, लेकिन टीम इंडिया के कई ऐतिहासिक अभियानों और बड़ी जीतों में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी में अहम भूमिका निभाई, जिससे खिलाड़ी लंबे टूर्नामेंट और कठिन मुकाबलों में फिट रहकर बेहतर प्रदर्शन कर सके।
राजीव कुमार ने 2016 से भारतीय क्रिकेट टीम के साथ काम करना शुरू किया था। उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं, जिनमें टी20 वर्ल्ड कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की खिताबी जीत शामिल है। इन जीतों के पीछे खिलाड़ियों की फिटनेस बनाए रखने में राजीव का योगदान अहम रहा।
बीसीसीआई के फैसले के बाद राजीव कुमार ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट लिखते हुए टीम इंडिया को अलविदा कहा। इंस्टाग्राम पर उन्होंने लिखा, “एक दशक (2016-2025) तक भारतीय क्रिकेट टीम की सेवा करना मेरे लिए सौभाग्य और सम्मान की बात रही है। इस अवसर के लिए भगवान का धन्यवाद। मैं आभारी हूं और आगे के लिए उत्सुक हूं।
राजीव का रोल टीम इंडिया में खिलाड़ियों को मसाज देने तक ही सीमित नहीं था। वे खिलाड़ियों के लिए एनर्जी ड्रिंक, प्रोटीन शेक और हाइड्रेशन मिक्स तैयार करने में भी मदद करते थे। उनका काम मैच से पहले और मैच के बाद दोनों समय अहम होता था। मैच के बाद थके हुए खिलाड़ियों की मांसपेशियों को आराम देना और उन्हें अगले मैच के लिए फिट बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी थी।
खासकर भारतीय तेज गेंदबाजों के लिए उनका योगदान बेहद अहम रहा। तेज गेंदबाजों को लंबे स्पेल डालने के दौरान मांसपेशियों पर भारी दबाव झेलना पड़ता है। ऐसे में उनकी रिकवरी और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में राजीव कुमार का रोल बेहद महत्वपूर्ण होता था। यही कारण है कि खिलाड़ी अक्सर निजी तौर पर उनकी सेवाओं की तारीफ करते थे।
एशिया कप से पहले उनका जाना टीम इंडिया के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। भले ही उनका नाम सुर्खियों में कम आता हो, लेकिन खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी में उनकी भूमिका इतनी अहम थी कि अब उनके स्थान पर किसी नए व्यक्ति को ढूँढना बीसीसीआई के लिए चुनौती साबित होगा।
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे समय में, जब भारतीय टीम एशिया कप और इसके बाद होने वाले महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों की तैयारी कर रही है, इस तरह के बदलाव से टीम की बैकएंड सपोर्ट व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि, बीसीसीआई का कहना है कि टीम के सपोर्ट स्टाफ को और अधिक प्रोफेशनल और मॉडर्न बनाना उनकी प्राथमिकता है।
कुल मिलाकर, राजीव कुमार का टीम इंडिया से जाना सिर्फ एक सपोर्ट स्टाफ के हटने जैसा नहीं है, बल्कि यह उस मजबूत दीवार का टूटना है जो खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रखती थी। अब देखना होगा कि टीम इंडिया इस झटके से कितनी जल्दी उबरकर एशिया कप 2025 में दमदार प्रदर्शन कर पाती है।
