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अल्मोड़ा बनेगा कृषि नवाचार का केंद्र, 14 सहयोगी केन्द्रों के वैज्ञानिक लेंगे भाग

कृषि संरचनाओं और पर्यावरण प्रबंधन पर राष्ट्रीय कार्यशाला 30 अक्टूबर से शुरू

अल्मोड़ा: विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, हवालबाग (अल्मोड़ा) में “कृषि संरचनाओं और पर्यावरण प्रबंधन में प्लास्टिक इंजीनियरिंग पर अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना” की 21वीं वार्षिक कार्यशाला आगामी 30 अक्टूबर से 1 नवम्बर 2025 तक आयोजित की जाएगी। यह राष्ट्रीय कार्यशाला कृषि संरचनाओं एवं पर्यावरण प्रबंधन में प्लास्टिक इंजीनियरिंग के वैज्ञानिक और स्थायी उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।

इस तीन दिवसीय कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों के 14 सहयोगी केन्द्रों — अल्मोड़ा (उत्तराखंड), भुवनेश्वर, लुधियाना, अबोहर, उमियम, जूनागढ़, रांची, श्रीनगर, गंगटोक, उदयपुर, डापोली, दिरांग, मखदूम और रायचूर — के 50 से अधिक वैज्ञानिक, कृषि अभियंता, नीति निर्माता एवं प्रसार विशेषज्ञ भाग लेंगे।कार्यशाला में संरक्षित खेती, सिंचाई, भंडारण, पशु आवास, पैकेजिंग व एक्वाकल्चर संरचनाओं में प्लास्टिक के उपयोग से जुड़ी नवीनतम तकनीकों, अनुसंधान निष्कर्षों और अनुभवों के आदान-प्रदान पर विशेष चर्चा होगी।

मुख्य अतिथि होंगे डॉ. एस. एन. झा, उप महानिदेशक (इंजीनियरिंग), आईसीएआर, नई दिल्ली, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. के. नरसैय्या, डॉ. नचिकेत कोटवालीवाले और डॉ. राकेश शारदा शामिल रहेंगे। यह कार्यशाला कृषि क्षेत्र में नवाचार, पर्यावरणीय प्रबंधन और तकनीकी सुदृढ़ता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी तथा सतत कृषि प्रणाली के विकास में नई दिशा प्रदान करेगी।

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