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डेस्टिनेशन वेडिंग का नया हॉटस्पॉट बना लैंसडौन, देवदार की छांव में सात फेरे लेने पहुंच रहे देशभर के जोड़े

लैंसडौन: उत्तराखंड की शांत वादियों में बसा खूबसूरत पर्वतीय नगर लैंसडौन अब सिर्फ सुकून भरे पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि डेस्टिनेशन वेडिंग के नए केंद्र के रूप में भी तेजी से पहचान बना रहा है। समुद्रतल से करीब 6,250 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह नगर देवदार, बुरांश और बांस के घने जंगलों से घिरा हुआ है, जहां प्रकृति की गोद में विवाह के सात फेरे लेने का सपना अब देशभर के जोड़े पूरा कर रहे हैं।

बीते दो वर्षों में लैंसडौन की मनोरम वादियों में 30 से अधिक शादियां संपन्न हो चुकी हैं, जबकि आने वाले वर्ष अप्रैल तक के लिए 16 से ज्यादा बुकिंग पहले ही हो चुकी हैं। इसके अलावा कई जोड़े लगातार होटलों से संपर्क कर रहे हैं, जिससे यहां के होटल व्यवसाय में भी नई जान आ गई है।

पहाड़ी स्वाद और परंपराओं का अनोखा संगम

लैंसडौन की शादियों की सबसे बड़ी खासियत है यहां की स्थानीय संस्कृति और पहाड़ी व्यंजन। बारातियों का स्वागत ढोल-दमाऊ की गूंजती थाप के बीच तिलक की पारंपरिक रस्म से किया जाता है। खाने में बाल मिठाई, झंगोरे की खीर, मंडुवे की बर्फी, अरसे और पहाड़ी लड्डू मेहमानों का दिल जीत रहे हैं।

आप तारीख बताइए, बाकी जिम्मेदारी हमारी

लैंसडौन के होटल व्यवसायी अब डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए वन-स्टॉप सॉल्यूशन प्रदान कर रहे हैं। गोदान, केले के पेड़ से बने पारंपरिक मंडप, फोटोग्राफी, मेहंदी, ब्यूटी पार्लर, फूलों की सजावट, वरमाला, लाइव म्यूजिक, डीजे, स्टेज और विदाई तक की पूरी व्यवस्था होटल प्रबंधन खुद संभाल रहा है। दूर-दराज से आने वाले परिवारों को सिर्फ मेहमानों की संख्या बतानी होती है।

नजर-बट्टू की शादी ने बढ़ाया आकर्षण

लोकप्रिय यूट्यूब चैनल ‘नज़र-बट्टू’ के कलाकार पवन यादव द्वारा लैंसडौन में शादी करने के बाद इस पर्यटन नगरी को जबरदस्त पहचान मिली। उनकी शादी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिससे युवाओं में लैंसडौन को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में चुनने का क्रेज और तेज हो गया।

सरकारी पहल से बढ़ी उम्मीदें

वर्ष 2023 में देहरादून में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का मंत्र दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने पहाड़ी क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है। होटल व्यवसायियों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में लैंसडौन उत्तराखंड के प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन में शुमार होगा।

स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का जरिया

होटल एसोसिएशन लैंसडौन के अध्यक्ष अजय सतीजा और होटल व्यवसायी अनुज राजपूत के अनुसार, यहां के अधिकांश होटलों में काम करने वाला स्टाफ स्थानीय है। डेस्टिनेशन वेडिंग के बढ़ते चलन से पंडित, कैटरिंग स्टाफ, सजावट कर्मी, कलाकार और फोटोग्राफर सहित सैकड़ों लोगों को रोजगार मिल रहा है। वर्तमान में लैंसडौन और आसपास के क्षेत्रों में 800 से अधिक स्थानीय लोग होटल और वेडिंग उद्योग से जुड़े हुए हैं।

प्रकृति, परंपरा और प्यार का संगम

लैंसडौन अब उन जोड़ों की पहली पसंद बनता जा रहा है, जो शोर-शराबे से दूर, प्रकृति के बीच पारंपरिक और यादगार शादी का सपना देखते हैं। देवदार की खुशबू, पहाड़ों की ठंडी हवा और लोकसंस्कृति की मिठास—लैंसडौन को उत्तराखंड का उभरता हुआ वेडिंग डेस्टिनेशन बना रही है।

 

डेस्टिनेशन वेडिंग का मतलब ऐसी शादी से है, जो दूल्हा-दुल्हन अपने शहर या गांव से अलग किसी खास, खूबसूरत और पर्यटन स्थल पर करते हैं। इसमें शादी केवल एक रस्म नहीं, बल्कि कई दिनों तक चलने वाला यादगार उत्सव बन जाती है।
आजकल पहाड़ों, समुद्र तटों, ऐतिहासिक शहरों और शांत पर्यटन स्थलों पर डेस्टिनेशन वेडिंग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। उत्तराखंड जैसे राज्यों में लैंसडौन, मसूरी, नैनीताल और ऋषिकेश जैसे स्थान इसके लिए खास तौर पर पसंद किए जा रहे हैं।

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