धौलछीना: भैंसियाछाना विकासखंड के अंतर्गत ग्राम सभा लिंगुड़ता और डुंगरलेख में सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे स्थानीय किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
जिला पंचायत सदस्य सल्ला भाटकोट शैलजा चम्याल ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को पत्र भेजकर सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि लिंगुड़ता-मंगलता सिंचाई योजना की पाइपलाइन ध्वस्त होने से करीब 3 हजार नाली भूमि प्रभावित है। वहीं रैयत-लिंगुड़ता योजना की गुल क्षतिग्रस्त होने से 800 नाली और डुंगरलेख की पार की टानी सिंचाई गूल योजना ठप होने से 500 नाली से अधिक उपजाऊ जमीन बंजर होने की कगार पर पहुंच गई है।
आरोप है कि विभाग हर बार बजट के अभाव का हवाला देकर जिम्मेदारी से बच रहा है, जबकि दूसरी ओर नदी किनारे ऐसे चेकडैम बनाने के टेंडर जारी किए जा रहे हैं, जिनका किसानों को कोई सीधा लाभ नहीं मिल रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सिंचाई नहरों और पाइपलाइनों की मरम्मत नहीं की गई तो उन्हें खेती छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा, जिससे क्षेत्र में पलायन की समस्या और गंभीर हो सकती है।
जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इन महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं के लिए तत्काल बजट जारी कर उन्हें पुनः सुचारू किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
