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फर्जी निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाला साइबर ठग गाजियाबाद से गिरफ्तार

व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए देता था 5% रोजाना मुनाफे का लालच, 9 राज्यों में फैला ठगी का नेटवर्क

देहरादून: साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच STF की साइबर क्राइम टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं में फंसाकर भारी मुनाफे का झांसा देता था और फिर उनके साथ धोखाधड़ी करता था।

जांच में सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों को जोड़ता था। इसके बाद उन्हें प्रतिदिन 5 प्रतिशत से अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया जाता था। झांसे में आकर लोग अलग-अलग बैंक खातों और UPI के जरिए पैसे निवेश कर देते थे।

1.31 करोड़ की ठगी का मामला

पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर निवासी एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई कि अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच उसे एक लिंक के माध्यम से व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। कथित रूप से ‘रजत वर्मा’ और ‘मीना भट्ट’ नाम के लोगों ने उसे निवेश के नाम पर 1,31,76,000 रुपये की ठगी का शिकार बना दिया।

आरोपी की पहचान और खुलासा

STF जांच में आरोपी की पहचान गाजियाबाद निवासी अरवाज सैफी के रूप में हुई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी इन्वेस्टमेंट ग्रुप चलाता था। उसके बैंक खाते में ठगी से जुड़े करीब 10 लाख रुपये जमा पाए गए।

2 महीने में 2 करोड़ का ट्रांजैक्शन

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी के इस्तेमाल किए गए बैंक खातों में सिर्फ 2 महीनों में करीब 2 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है।

 मोबाइल और नेटवर्क का खुलासा

पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से जुड़े 2 मोबाइल बरामद किए हैं। साथ ही यह भी पता चला है कि इन बैंक खातों के खिलाफ देश के 9 राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं।

पहले भी सामने आ चुका है मामला

इसी तरह के व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पहले पंजाब पुलिस के एक रिटायर्ड अधिकारी से भी 8 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। इस घटना से आहत होकर अधिकारी ने आत्महत्या कर ली थी।

पुलिस की कार्रवाई जारी

STF अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर जांच को आगे बढ़ा रही है।

 

 

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