चमोली: चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में मिले अज्ञात शव के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह मामला हत्या का निकला, जिसमें आरोपी ने उधारी के विवाद और कथित अपमान से आहत होकर वारदात को अंजाम दिया।
10 मार्च को लंगासू स्थित चण्डिका माता मंदिर के नीचे अलकनंदा नदी किनारे एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। शव करीब 20-25 दिन पुराना था और हाथ-पैर प्लास्टिक की रस्सी से बंधे हुए थे। मृतक की पहचान के लिए पुलिस ने काफी प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बाद में 23 मार्च को सोशल मीडिया के जरिए मृतक की पहचान सूरज पुरोहित के रूप में हुई, जिसकी पुष्टि उसकी पत्नी मंजू देवी ने की। जांच में सामने आया कि मृतक नन्दप्रयाग में एक होटल में रहकर मधुबन ढाबे में काम करता था।
पुलिस ने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी नरेन्द्र सिंह तोपाल को चिन्हित किया। फुटेज में आरोपी शव को प्लास्टिक के कट्टे में भरकर कार की डिग्गी में रखते और बाद में वाहन को धोते हुए दिखाई दिया।
सख्त पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने मृतक से 10 हजार रुपये उधार लिए थे और मृतक शराब के नशे में उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करता था। इसी से आहत होकर उसने 16 फरवरी की रात हत्या कर शव को झूलाबगड़ पुल से अलकनंदा नदी में फेंक दिया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और घटना में प्रयुक्त कार व रस्सी बरामद कर ली है। इस मामले में धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे में कर्णप्रयाग थाना, लंगासू व गौचर चौकी और एसओजी टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक चमोली के निर्देशन में गठित एसआईटी टीम को आईजी गढ़वाल द्वारा ₹5000 के इनाम की घोषणा की गई है।
