चमोली: बदरीनाथ धाम में स्वच्छता को आय से जोड़ने की दिशा में एक अनूठी पहल सामने आई है। नगर पंचायत ने प्लास्टिक कचरे के निस्तारण को आय के साधन में बदलते हुए एक प्रभावी मॉडल विकसित किया है, जो अब अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणा बन रहा है।
बीते वर्ष जहां लगभग 230 टन कचरे का निस्तारण किया गया था, वहीं इस वर्ष चारधाम यात्रा शुरू होने के केवल एक सप्ताह के भीतर ही 8 टन अजैविक कचरे के प्रबंधन से 84 हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित की गई है।
धाम की स्वच्छता की जिम्मेदारी नगर पंचायत बदरीनाथ के पास है, जो पैदल मार्गों, सड़कों और शौचालयों की नियमित सफाई के साथ कूड़ा प्रबंधन की सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करती है। यहां जैविक और अजैविक कचरे को अलग-अलग कर वैज्ञानिक तरीकों से निस्तारित किया जा रहा है।
पर्यावरण मित्रों के सहयोग से जैविक कचरे से खाद तैयार की जा रही है, जबकि प्लास्टिक कचरे को ब्लॉक में बदलकर उसका विपणन किया जा रहा है। इस पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि नगर पंचायत को अतिरिक्त आय भी प्राप्त हो रही है।
प्राप्त आय का उपयोग स्थानीय संसाधनों के विकास और अन्य आवश्यक कार्यों में किया जा रहा है। बदरीनाथ का यह नवाचार अब जिले की अन्य नगर पालिकाओं के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनता जा रहा है
