थराली: पिंडर नदी पर बना मोटर पुल एक बार फिर गंभीर खतरे की स्थिति में पहुंच गया है। लगातार भारी और ओवरलोडेड डंपरों की आवाजाही से पुल की संरचना कमजोर होती जा रही है। बताया जा रहा है कि हर घंटे लगभग 40 से 50 खनन सामग्री से भरे वाहन इस पुल से गुजरते हैं, जिससे पुल लगातार कंपन कर रहा है और उसकी सतह क्षतिग्रस्त हो रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पुल पर डाली गई सीमेंट कंक्रीट की परत टूटने लगी है और लोहे की प्लेटें भी उखड़ रही हैं। इससे पहले वर्ष 2024 में भी इसी तरह भारी वाहनों की वजह से पुल को नुकसान पहुंचा था, जिसके चलते करीब दो महीने तक आवागमन बाधित रहा था और लगभग 40 हजार की आबादी प्रभावित हुई थी।
सामाजिक कार्यकर्ताओं कमलेश देवराड़ी, माधवानंद, नवीन चंद्र और गिरीश चंद्र सहित अन्य लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार चेतावनी के बावजूद ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर रोक नहीं लगाई जा रही है, जिससे पुल कभी भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस पुल पर तत्काल भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद की जाए। वहीं लोनिवि ने केवल चेतावनी बोर्ड लगाकर औपचारिकता निभाने की बात कही है।
तहसीलदार अक्षय पंकज ने बताया कि मामले का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। लोनिवि के अधिशासी अभियंता रमेश चंद्र ने कहा कि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत की जाएगी और भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए बोर्ड लगाए जाएंगे।
