हरिद्वार: जनपदवासियों की समस्याओं के शीघ्र समाधान के उद्देश्य से जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 60 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 28 समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को भेजा गया।
राजस्व, जलभराव और अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतें प्रमुख
जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, पेयजल और जलभराव जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। शिकायतकर्ता सविता चौहान ने ग्राम भगतनपुर आबिदपुर स्थित अपने प्लॉट पर कब्जे की शिकायत करते हुए प्रशासन से कब्जा मुक्त कराने की मांग की। वहीं कांगड़ी क्षेत्र के लोगों ने गली नंबर 6 में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
भूमि पैमाइश और जल निकासी की उठी मांग
सहदेवपुर निवासी राजपाल ने अपनी भूमि की पैमाइश कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि आसपास के काश्तकारों ने उनकी भूमि में अतिक्रमण कर लिया है। वहीं शुभम विहार एवं गुरुकुल कांगड़ी क्षेत्र में अधूरे पड़े नाले निर्माण कार्य को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई गई। ग्रामीण क्षेत्रों से जल निकासी और अवैध निर्माण से जुड़ी समस्याएं भी जनसुनवाई में प्रमुखता से उठीं।
उज्ज्वला योजना और बाढ़ समस्या पर भी चर्चा
कौशल्या देवी ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन आवंटित कराने की मांग रखी। वहीं नरेंद्र अरोड़ा ने बरसाती नदी से उत्पन्न बाढ़ और जलभराव की स्थायी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, वहां अधिकारी आपसी समन्वय के साथ मौके पर पहुंचकर समाधान सुनिश्चित करें।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा
बैठक में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि एल-1 स्तर पर 566 और एल-2 स्तर पर 128 शिकायतें लंबित हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का शीघ्र निस्तारण किया जाए तथा शिकायतकर्ताओं से फोन पर संपर्क कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।
