केरल में मंगलवार देर रात आई लैंडस्लाइड की वजह से 153 लोगों की मौत हो चुकी है। इस त्रासदी का मुद्दा देश को दोनों सदनों में भी उठा। केरल में दो दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की गई है। बुधवार को भी राहत-बचाव कार्य जारी है।वायनाड भूस्खलन त्रासदी में मरने वालों की संख्या 153 हो चुकी है। पैरा रेजिमेंटल ट्रेनिंग सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर अर्जुन सीगन ने कहा कि एनडीआरएफ , सेना, राज्य पुलिस, वन अधिकारियों और स्वयंसेवकों के 500 से 600 कर्मी बुधवार को बचाव अभियान चला रहे हैं ।सेना की 122वीं इन्फैंट्री बटालियन राहत-बचाव कार्य में जुट चुकी है। सेना के जवान प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों की मदद कर रहे हैं। वहीं, मलबे में फंसे हुए लोगों को बचाना सेना की पहली प्राथमिकता बन चुकी है।केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज की गाड़ी मलप्पुरम जिले के मंजेरी के पास मामूली रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो गई। वे वायनाड जा रही थीं। उन्हें मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज मंजेरी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। भूस्खलन प्रभावित इलाकों में घायल लोगों के इलाज के लिए लगातार डॉक्टर्स की टीम पहुंच रही है। लोगों का इलाज कर रहे डॉक्टरों में से एक हस्ना ने कहा, “मैं इस राहत शिविर में इसलिए आई हूं क्योंकि सुबह शिविर में बहुत से लोगों को थोड़ी दिक्कत महसूस हुई। ज्यादातर लोगों को सिरदर्द, हाई बीपी जैसी समस्याएं हैं, जो मुख्य रूप से तनाव की वजह से हैं। हम उन्हें दवाइयां दे रहे हैं।भारतीय सेना ने केरल के वायनाड में विनाशकारी भूस्खलन के बाद अपने बचाव अभियान को तेज कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों से 1,000 से अधिक लोगों को सफलतापूर्वक सुरक्षित निकाल लिया है। बुधवार सुबह तक, लगभग 70 पीड़ितों के शव बरामद किए जा चुके हैं।वायनाड लैंडस्लाइड में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक 143 लोगों की मौत हो गई है। सेना जान पर खेलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।एक वरिष्ठ जलवायु विज्ञानी ने मंगलवार को कहा कि अरब सागर में तापमान बढ़ने से घने बादल बन रहे हैं, जिसके कारण केरल में कम समय में भारी बारिश हो रही है और भूस्खलन होने का खतरा बढ़ रहा है। वायनाड में हुए भूस्खलन की वजह भी अरब सागर में तापमान बढ़ना है।चूरलमाला में एक मस्जिद और मदरसे को बनाया गया अस्थायी अस्पताल
वायनाड के चूरलमाला में एक मस्जिद और मदरसे में अस्थायी अस्पताल का रूप दिया गया है। भूस्खलन की वजह से यह क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक है।जनता 24 घंटे चलने वाले नियंत्रण कक्ष को फोन नंबर- 9497900402, 0471 2721566 पर जानकारी प्रदान कर सकती है। नियंत्रण कक्ष राज्य पुलिस प्रमुख के सीधे नियंत्रण में कार्य करता है।
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