नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतदाताओं को सुविधा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आयोग ने कहा है कि जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल हैं, लेकिन जिनके पास मतदान के दिन अपना मतदाता पहचान पत्र (EPIC) नहीं है, वे अब 12 अनुमोदित वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से किसी एक का उपयोग करके अपना वोट डाल सकते हैं। यह निर्णय उन मतदाताओं की सुविधा और मतदान में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
निर्वाचन आयोग ने 7 अक्टूबर, 2025 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की, जिसमें स्पष्ट किया गया कि बिहार और अन्य उपचुनाव वाले क्षेत्रों में लगभग सभी मतदाताओं को EPIC जारी किया जा चुका है। साथ ही, नए मतदाताओं को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के 15 दिनों के भीतर EPIC प्रदान करने का निर्देश सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को दिया गया है। आयोग ने दोहराया कि वोट डालने के लिए मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में होना अनिवार्य है।
12 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों के उपयोग की अनुमति दी गई है. इन दस्तावेजों में शामिल हैं-
आधार कार्ड
मनरेगा जॉब कार्ड
बैंक या डाकघर का फोटो लगा पासबुक
श्रम मंत्रालय या आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड
ड्राइविंग लाइसेंस
पैन कार्ड
एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड
भारतीय पासपोर्ट
फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज
केंद्र/राज्य सरकार/पीएसयू/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र
सांसदों/विधायकों/एमएलसी को जारी आधिकारिक पहचान पत्र
भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) कार्ड
चुनाव आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि पर्दानशीन महिलाओं के लिए मतदान केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की जाए। आयोग ने कहा कि बुर्का या पर्दा में आने वाली महिला मतदाताओं की गरिमापूर्ण पहचान के लिए महिला मतदान अधिकारियों और परिचारकों की उपस्थिति में उनकी पहचान की जाएगी, ताकि उनकी गोपनीयता और सम्मान सुरक्षित रहे।
बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों पर चुनाव दो चरणों में आयोजित होंगे। पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। आयोग के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची में बिहार में कुल 7.42 करोड़ मतदाता शामिल हैं।
