न्यूज़ डेस्क| बीजेपी सांसद मेनका गांधी(Maneka Gandhi) ने उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत(CM Trivendra Singh Rawat) और प्रधानमंत्री(PM Modi) को पत्र लिखा है कि उत्तराखंड के आला अधिकारी लगभग 3000 करोड़ रुपयों के घोटालों में शामिल हो सकते हैं. 5 जनवरी को लिखे पत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने लिखा है कि उत्तराखंड भेड़ व ऊन विकास बोर्ड के सीईओ डॉ अविनाश आनंद(CEO Dr. Avinash Anand) इस घोटाले में संलिप्त हो सकते हैं. डॉ आनंद पर आरोप लगाया जा रहा है कि उन्होंने वर्ल्ड बैंक(World Bank) से मिले लोन में गड़बड़ी की और आंकड़ों को गलत तरीके से पेश किया है जो विश्व बैंक से उत्तराखंड सरकार को प्राप्त हुए थे. सासंद मेनका गांधी ने इस घोटाले कती तुलना बोफोर्स स्कैम(Bofors Scandal) से कर दी.
7 बिंदुओं में दिए गए पत्र में मेनका गांधी ने आरोप लगाया है कि सीईओ अविनाश आनंद ने घोटाले की राशि से लक्ज़री कार(Luxury Cars) खरीदीं, नोएडा(Noida) में अपने लिए आवास खरीदा साथ ही पशुओं के चारे की खरीद को दोगुनी राशि का बताया. साथ ही यह भी आरोप लगाया है कि अविनाश ने विभाग में कई ऑफिसर्स बिना किसी रिक्ति के जगह दे दी. पत्र के अनुसार यह काम अवनीश ने अकेले नहीं किया. उनके ऊपर जरूर पशुपालन सचिव मीनाक्षी सुंदरम का भी हाथ रहा होगा.
सांसद मेनका गांधी ने पीएम और उत्तराखंड के सीएम को लिखा पत्र. तीन हजार करोड़ रुपयों के घोटाले की जताई आशंका. शुरू की जा सकती है जांच. #Scam
— Uday Prabhat News (@udayprabhatnews) January 12, 2021
अन्य आरोप लगाते हुए गांधी ने लिखा है कि यह मामला CBI, CBCID और ED की जांच के लिए बिल्कुल सही है. पत्र के आखिर में बीजेपी सांसद ने लिखा है कि घोटाले की राशि को देखते हुए प्रोग्राम को तुरंत बंद कर दिया जाए. हालांकि एक मीडिया संस्थान के हवाले से आनंद ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका मकान नोएडा में नहीं बल्कि गाजियाबाद में है जबकि कार विभाग की है.


