देहरादून| चमोली(Chamoli) जिले के दूरस्थ क्षेत्र निजमुला घाटी(Nizmula Valley) में आधा दर्जन से ज्यादा कौवों के मरने से दहशत फैल गई है. आज इरानी गांव में खेतों में कौवों मरे पड़े मिले. बदरीनाथ वन प्रभाग(Badrinath Forest Range) के अधिकारियों को ग्रामीणों ने कौवों के मरने की सूचना दी. इससे पहले घाटी के गोणा गांव में भी एक पक्षी खेतों में मर गया था.
डीएफओ आशुतोष सिंह ने बताया की क्षेत्र में वन क्षेत्राधिकारी के साथ टीम भेजी गई है. पशु चिकित्सकों को भी इसकी सूचना दे दी गई है. मृत पक्षियों को कब्जे में लेकर सैंपल लिए जाएंगे.
पूरे राज्य में बर्ड फ्लू(Bird Flu) की आशंका के बीच राजधानी दून समेत विभिन्न इलाकों में 64 कौवे, चार कबूतर और नौ बगुले मरे मिले हैं. मृत कौवों, बगुलों और कबूतरों को दफना दिया गया है. कुछ के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं. मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) डॉ. एसबी पांडे के अनुसार फिलहाल किसी मृत पक्षी में बर्ड फ्लू के लक्षण नहीं हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद कुछ कहा जा सकता है.
दूसरी ओर नौ बगुलों और कबूतरों के भी मरने की सूचना मिली है. इतनी अधिक संख्या में कबूतरों, कौवों, बगुलों के मृत पाए जाने के बाद स्थानीय लोग बर्ड फ्लू की आशंकाएं जता रहे हैं. मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसबी पांडे का कहना है कि जहां से भी पक्षियों के मरने की सूचनाएं आ रही हैं वहां विभागीय टीम भेजकर जांच कराई जा रही है. कौवों की मौत बर्ड फ्लू बीमारी से हुई इसे लेकर अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है. प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पता चल सकेगी. कबूतरों, कौवों और बगुलों की मौत ने वन विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं. पक्षियों के मरने की सूचनाएं लगातार मिलने की वजह से दोनों विभागों के अधिकारी और कर्मचारी दिनभर भागदौड़ करते नजर आए.
वहीं डोईवाला(Doiwala) में भी तीन कौवे मरे हुए मिले. एम्स(AIIMS) परिसर में लगातार तीसरे दिन कौवे मरने की सूचना के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है. वन विभाग ने एम्स परिसर में मृत मिले कौवों में एक कौवे का सैंपल भरकर भोपाल(Bhopal)
