झारखंड/ देवघर: देश की सेवा में निहत्थे वीर जवान नीरज चौधरी शहीद हो गए। वे मधुपुर प्रखंड के कजरा गांव के रहने वाले थे। सियाचिन की बर्फीली चोटियों पर ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त होने की खबर से पूरे गांव में मातम पसरा। हर किसी की आंखों में आंसू हैं और दिल में अपने वीर बेटे पर गर्व। नीरज चौधरी का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके पैतृक गांव पहुंच जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर शाम परिजनों को सूचना मिली कि नीरज चौधरी बर्फ की चपेट में आने के बाद शहीद हो गए। शहीद के भाई संतोष चौधरी ने बताया कि मंगलवार दोपहर उन्हें यह दुखद समाचार फोन पर दिया गया। पूरे परिवार और ग्रामीणों की आंखें अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन को तरस रही हैं।
नीरज चौधरी का पार्थिव शरीर पहले चंडीगढ़ लाया जाएगा, उसके बाद रांची एयरपोर्ट पहुंचेगा और फिर सड़क मार्ग से मधुपुर के कजरा गांव पहुंचेगा। गांव में शहीद जवान के घर लोगों का तांता लगा हुआ है। हर कोई परिवार को ढांढस बंधा रहा है और शोक व्यक्त कर रहा है। इस दौरान झारखंड के मंत्री हफीजुल हसन, सांसद निशिकांत दुबे सहित कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने भी परिवार से संवेदना व्यक्त की।
नीरज चौधरी ने 2022 में ही सेना में भर्ती होकर देश की सेवा का संकल्प लिया था। उनकी शहादत ने पूरे देवघर को गमगीन कर दिया है। उनके पिता अनिल चौधरी और पूरा परिवार सदमे में है, लेकिन गांववाले शहीद नीरज की वीरता और बलिदान पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
शहीद नीरज चौधरी की कहानी देशभक्ति और साहस की मिसाल है। उनका जीवन और बलिदान न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके वीर बेटे को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए गांव और आसपास के लोग जुट रहे हैं, ताकि उनका बलिदान हमेशा याद किया जाए।
