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घर वाली पिच साथ ले आओ बाबर-रिज़वान! शोएब अख्तर का पाक टीम पर करारा वार

वेस्टइंडीज के खिलाफ (PAK vs WI) वनडे सीरीज में मिली शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम पर फैन्स और पूर्व खिलाड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा है। खासकर तीसरे और निर्णायक मुकाबले में 202 रनों की करारी हार के बाद पूर्व तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने बाबर आज़म, मोहम्मद रिज़वान और बाकी खिलाड़ियों को कड़ी फटकार लगाई।

12 अगस्त को खेले गए सीरीज के आखिरी वनडे में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट खोकर 294 रन बनाए। टीम के लिए इमाम-उल-हक ने 97 रन की पारी खेली, जबकि बाबर आज़म केवल 9 रन बना सके। वेस्टइंडीज के गेंदबाज़ों ने शुरुआती ओवरों में सधी हुई गेंदबाज़ी कर पाक बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

जवाब में वेस्टइंडीज ने कप्तान शाई होप की 94 गेंदों पर 120 रनों की शानदार पारी, जस्टिन ग्रीव्स के 43, एविन लुईस के 37 और रोस्टन चेज के 36 रनों की बदौलत पाकिस्तान को आसानी से मात दी। सबसे बड़ा सितारा रहा जायडेन सील्स, जिसने मात्र 18 रन देकर 6 विकेट झटके। पाकिस्तान की टीम मात्र 29.2 ओवर में 92 रनों पर ढेर हो गई।

इस हार के साथ ही वेस्टइंडीज ने पाकिस्तान को किसी वनडे सीरीज में हराने का 34 साल लंबा इंतज़ार खत्म कर दिया।

मैच के बाद PTV स्पोर्ट्स पर बातचीत में शोएब अख्तर ने टीम की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा, “हमारे समय में खिलाड़ी एक्सप्रेसिव और विस्फोटक होते थे। कोई भी सिर्फ अपने लिए नहीं खेलता था, बल्कि टीम के लिए मैच जिताना ही मकसद होता था। अब सब अपने औसत (Average) को बचाने में लगे हैं। हल्की सी सीम वाली पिच मिल जाए तो पूरी टीम बिखर जाती है।”

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “क्या आप हर जगह रावलपिंडी की पिच लेकर घूमेंगे? क्रिकेट को मॉडर्न अंदाज़ में खेलना होगा। सोच और इरादे बदलने होंगे।”

अख्तर ने यह भी कहा कि पाकिस्तान टीम को अपने खेल में आक्रामकता और आत्मविश्वास वापस लाना होगा। “पिछले 10-15 सालों में माहौल बदल गया है। अब वक्त है कि हम अपने पुराने अंदाज़ में लौटें, जहां हर खिलाड़ी टीम के लिए योगदान देता था और बहानों की जगह प्रदर्शन करता था।”

फैन्स ने भी सोशल मीडिया पर टीम की बल्लेबाज़ी पर सवाल उठाए। कई यूज़र्स ने इसे पाकिस्तान क्रिकेट के लिए “जागने का अलार्म” बताया और कहा कि अगर टीम मानसिक और तकनीकी रूप से मजबूत नहीं हुई तो आने वाले टूर्नामेंट में भी ऐसी हारें दोहराई जा सकती हैं। वेस्टइंडीज के लिए यह जीत ऐतिहासिक रही, जबकि पाकिस्तान के लिए यह सीरीज ऐसी रही, जिसे वे जल्द भूलना चाहेंगे।

 

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