नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 14 सितंबर को दुबई में होने वाले भारत-पाकिस्तान टी-20 एशिया कप मैच को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा, “मैच होने दीजिए, हम रोक नहीं लगाएंगे।” यह मामला गुरुवार, 11 सितंबर को जस्टिस जेके महेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच के सामने आया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील ने अर्जेंट हियरिंग की मांग की थी और कहा कि चूंकि मैच रविवार को है, इसलिए मामला शुक्रवार को लिस्ट कर दिया जाए। हालांकि, कोर्ट ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया।

इस याचिका को चार लॉ छात्राओं, उर्वशी जैन के नेतृत्व में, दायर किया गया था। याचिका में पाकिस्तान के साथ मैच को राष्ट्रीय भावनाओं का मजाक बताते हुए, पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर का हवाला दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि आतंकवादी हमलों और सैनिकों की शहादत के बाद पाकिस्तान के साथ खेलना गलत संदेश देगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे उन परिवारों की भावनाएं ठेस पहुँच सकती हैं, जिनके लोगों ने पाकिस्तानी आतंकवादियों के हाथों जान गंवाई। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि क्रिकेट मनोरंजन का माध्यम है, लेकिन राष्ट्र की गरिमा और नागरिकों की सुरक्षा इससे कहीं अधिक अहम है।
सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि इस याचिका पर रोक लगाने से साफ इनकार करते हुए कहा कि खेल को राजनीति या आतंकवादी घटनाओं से जोड़कर रोका नहीं जा सकता। इस फैसले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप का टी-20 मुकाबला नियत समय और स्थान पर खेला जाएगा।
