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ओड़िया के प्रसिद्ध गायक ह्यूमेन सागर का असामयिक निधन, गवर्नर से CM तक ने जताया शोक

लोकप्रिय ओडिया गायक हुमन सागर का 34 वर्ष की उम्र में निधन, AIIMS भुवनेश्वर में चल रहा था इलाज

भुवनेश्वर: ओडिया संगीत जगत के युवा और लोकप्रिय गायक हुमन सागर का सोमवार देर रात 34 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे सागर का इलाज AIIMS भुवनेश्वर में चल रहा था, जहाँ डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि AIIMS प्रशासन ने एक रिपोर्ट जारी कर की।

AIIMS भुवनेश्वर के डॉक्टरों के अनुसार, हुमन सागर को निमोनिया, लिवर फेल्योर, किडनी समस्याओं और मल्टी-ऑर्गन डिसफंक्शन जैसी गंभीर परेशानियाँ थीं। उन्हें तीन दिन पहले गंभीर हालत में अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया था। बाद में उनकी स्थिति बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल आईसीयू में शिफ्ट किया गया।

AIIMS के डॉ. श्रीकांत बेहरा ने बताया, “सागर को 14 तारीख को भर्ती किया गया था। उनके गुर्दे और लिवर बुरी तरह प्रभावित थे और कई अंग काम करना बंद कर चुके थे। एक स्पेशल मेडिकल टीम उनकी लगातार देखभाल कर रही थी, लेकिन प्रयासों के बावजूद रात 9 बजकर 8 मिनट पर उनका निधन हो गया।

राज्यपाल, मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री तक, पूरे ओडिशा में शोक की लहर

हुमन सागर के निधन की खबर से न सिर्फ़ ओडिया फिल्म इंडस्ट्री बल्कि पूरा राज्य सदमे में है। सोशल मीडिया पर सामान्य श्रोताओं से लेकर बड़े राजनीतिक नेताओं तक, सभी ने दुख व्यक्त किया है।

ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति ने शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि हुमन सागर की मधुर आवाज और उनके संगीत को हमेशा याद रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री मोहन माझी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,
“प्रतिष्ठित गायक हुमन सागर के निधन की खबर बेहद दुखद है। यह हमारे संगीत और सिनेमा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ। ओम शांति।”

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ओडिशा ने एक चमकता सितारा खो दिया है।
“उनकी आवाज का जादू ओडिया संगीत प्रेमियों के दिलों में हमेशा अमर रहेगा।”

वहीं विपक्ष नेता नवीन पटनायक ने कहा कि उनके भावनात्मक गीतों ने लाखों दिलों को छुआ है, और ओडिया संगीत में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।

2012 में ‘इश्क तू ही तू’ से मिली पहचान, 100 से अधिक गीतों को दिया स्वर

हुमन सागर का संगीत सफर वर्ष 2012 में सुपरहिट गाने “इश्क तू ही तू” से शुरू हुआ। इस गीत ने उन्हें रातों रात ओडिया फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना चेहरा बना दिया। इसके बाद सागर ने सैकड़ों फिल्मी और नॉन-फिल्मी गाने गाए और लाखों प्रशंसकों के दिलों पर राज किया।

उनके लोकप्रिय गीतों में शामिल हैं —
‘सत थिल ना सारता’, ‘दुख मो भाग्य काखा’, ‘निशव तो बिना मोर चलेना’, ‘जीवनवी शाहे बरशा’, ‘हाय मो दिल’, ‘गजरा गवा बाली’ आदि।
उनकी आवाज टूटे दिलों को सहारा देने वाली और खुशियों को दोगुना करने वाली मानी जाती थी। उन्होंने हिंदी में भी ‘मेरा ये जहाँ’ नाम का एल्बम गाया था, जिसे अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी।

अचानक बिगड़ी तबीयत, लाख कोशिशों के बाद भी नहीं बच सके

हाल के महीनों में हुमन सागर का स्वास्थ्य लगातार खराब चल रहा था। बताया जाता है कि उन्हें लिवर से संबंधित समस्याएँ लंबे समय से थीं। तीन दिन पहले अचानक उनकी हालत बेहद बिगड़ गई, जिसके बाद परिवार ने उन्हें AIIMS भुवनेश्वर में भर्ती कराया।अस्पताल द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और रात को उन्होंने अंतिम सांस ली।

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