स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर छात्रों उनके जीवनदर्शन पर आधारित पुस्तिका भेंट कर श्रद्धाजंलि दी।
कोटद्वार। पब्लिक इण्टर कालेज सुरखेत में युवाओं के प्रेरणापुंज, महान दार्शनिक और समाज सुधारक स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति में छात्र-छात्राओं को विवेकानंद जी के जीवनदर्शन पर आधारित व्यक्तित्व का विकास पुस्तिका भेंट करके उन्हें श्रद्धाजंलि दी गई। विद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानाचार्य तथा एन० एस० एस० के गढ़वाल मण्डल कार्यक्रम समन्वयक पुष्कर सिंह नेगी ने स्वामी विवेकानंद के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित करते हुए तथा माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए किया। स्वामी विवेकानंद के जीवनदर्शन पर बोलते हुए प्रधानाचार्य पुष्कर सिंह नेगी ने बताया कि अपने ओजस्वी विचारों से वैश्विक पटल पर माँ भारती को गौरवान्वित करने वाले स्वामी विवेकानंद वेदान्त के विख्याता और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म पर अपना व्याख्यान देकर भारतीय सनातन धर्म की धर्मध्वजा को लहराकर नये मापदण्ड स्थापित किये। इस अवसर पर छात्र छात्राओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन सिद्धान्तों को आत्मसात करके उनके बताए मार्ग पर चलने के लिए विवेकानंद जी का साहित्य व्यक्तित्व का विकास वितरित किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य के प्रयासों से गत वर्ष रामकृष्ण मिशन नागपुर के सहयोग से विद्यालय के पुस्तकालय को 300 किताबें निःशुल्क भेंट की गयी थी। प्रत्येक वर्ष विद्यालय में नवीन प्रवेश लेने वाले बच्चों के साथ ही स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस और पुण्य तिथि पर कार्यक्रम आयोजित करके छात्रों को विवेकानंद जी का साहित्य भेंट किया जाता है ताकि बच्चे उनके जीवन सिद्धान्तों से प्रेरित होकर देश का एक संस्कारित व सफल नागरिक बनकर समाज को एक नई दिशा दे सकें। इस अवसर पर कु साक्षी, अर्चना, अनुष्का, दिया, रीतिका, तनुजा, मीनाक्षी, रोनिका, खुशबू, आर्यन चौहान, अंकित पांथरी, लोकेश, सुजल, विश्वजीत, प्रयास रमोला सहित अन्य लोग मौजूद रहे ।
